पत्रिका टीम/ कोटा.
हाड़ौती क्षेत्र में अच्छी बरसात के बाद प्रकृति का रोम-रोम खिल उठा है। चहुंओर हरियाली हैं। झरने बह रहे हैं। बरसात के मौसम में हर किसी का मन प्रकृति (Hadoti calling) का लुत्फ उठाने का कर रहा है। कोटा, बूंदी, बारां व झालावाड़ के पिकनिक स्थल बहुत सुन्दर है। यहां प्रकृति प्रेमियों का रेला उमडऩे लगा है। यहां सावधानियां बेहद जरूरी है। क्योंकि कुछ पिकनिक स्थलों पर हादसा या अनहोनी का खतरा भी है। यदि हम सावधानी रखेंगे तो घूमने-फिरने का आनंद भी दो गुना हो जाएगा।
हाड़ौती (Harabhara Hadoti) में कौनसा पिकनिक स्पॉट क्यों हैं खास और हमें क्या बरतनी चाहिए सावधानी, पेश है एक रिपोर्ट-


1. गरड़िया महादेव-
चंबल के किनारे व भगवान महादेव का स्थान होने से यह स्थान पर्यटकों को आकर्षित करता है। यह स्थान कोटा का आइकन है।
यहां ऐसे पहुंचे-
कोटा से करीब 25 किलोमीटर दूर हैंगिंग ब्रिज चित्तौड़ रोड से लेफ्ट की तरफ रास्ता है। मुख्य सड़क से 3 किलोमीटर चलना है। वन विभाग की जवाहर सागर रेंज में आता है। यहां सूचना पट्ट भी लगा है।
यह सावधानी जरूरी-
चंबल नदी के किनारे रैलिंग लगा रखी है। लेकिन थोड़ी सी असावधानी से पैर फिसलकर करीब 300 फीट गहराई में चम्बल नदी में गिरने का खतरा है।


2. बरधा बांध-
बारिश में बांध पर चादर चलने पर सौन्दर्य देखते ही बनता है। यह स्थल मिनी गोवा जैसा बन जाता है। सर्दियों के समय यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन भी प्रकृति प्रेमियों को लुभाता है।
यहां ऐसे पहुंचे-
कोटा व बूंदी से समान करीब 25 किलोमीटर दूर है। कोटा या बूंदी के सड़क मार्ग से तालेड़ा अकतासा से पुलिया के नीचे से निकलते हुए अल्फानगर की ओर जाना पड़ता है। यहां से कुछ दूरी पर बांध की सीमा है।
यह सावधानी जरूरी-
जहरीले जीव-कीटों का खतरा है। चट्टानों पर बहते पानी में नहाते समय फिसलने व गिरने का डर है।


3. गागरोन किला (Gagron fort )-
झालावाड़ से करीब 12 किलोमीटर दूर ऐतिहासिक गागरोन किला है। राजस्थान के जल दुर्गों में से एक यह किला कालीसिंध एवं आहू नदी का संगम से घिरा है। किले के राम बुर्ज से नदियों के संगम बहुत सुन्दर दृश्य दिखाई देता है।
यह सावधानी जरूरी-
-बरसात के समय आहू या कालीसिंध की रपट के जरिए किले की तरफ जाने पर फिसलन का डर है। रपट व पुल पर पानी बह रहा है तो किले पर जाने की रिस्क नहीं लें। वापसी के समय पानी बढ़ भी सकता है। किले के आस-पास वन्य जीवों का खतरा भी है।

4. गेपरनाथ महादेव-
चंबल की कराइयों के बीच यहां स्वयंभू शिवलिंग है। मंदिर 16 वीं शताब्दी का माना जाता है। स्थान तक पहुंचने के लिए करीब 300 से सीढिय़ां उतरकर जाना पड़ता है।
यहां ऐसे पहुंचे-
कोटा से करीब 20 किलोमीटर दूर रावतभाटा रोड पर रथकांकरा के पास गेपरनाथ महादेव का स्थान है। यहां बस व निजी साधनों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
यह सावधानी जरूरी-
बरसात के समय यहां खतरा ज्यादा है। कुंड के दूसरी तरफ नहीं जाएं। क्योंकि अचानक पानी बढ़ जाने से दूसरी तरफ से सीढिय़ों की तरफ लौटना मुश्किल हो जाता है। सीढिय़ों व कुंड के आस-पास फिसलन का खतरा है। शाम होने से पहले ही लौट जाना चाहिए।


5. रामेश्वर महादेव-
बूंदी जिले से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित अरावली पर्वत की गुफा पर स्थित रामेश्वर महादेव का प्राचीन शिवलिंग है। सावन माह में देशभर से श्रद्धालु आते हैं। यहां पर स्थित झरने में सैकड़ों की संख्या में लोग स्नान करते हैं।

6. भीमलत महादेव-
बूंदी के खीण्या के आगे भीमलत महादेव है। भीमलत को पांडव कालीन कथाओं से जोड़कर भीम की लात से बना हुआ मानते हैं। यहां का झरना प्रदेश भर में प्रसिद्ध है। भीमलत महादेव गहराई पर विराजमान हैं। श्रद्धालु यहां झरने का लुत्फ भी उठाते हैं।
सावधानी- झरने में नहाते समय फिसलन व चोट का खतरा है।

7. शेरगढ़ किला-
बारां जिले के अभयारण्य में किला है। किले में हवेलियां दर्शनीय है। समीप से परवन नदी बह रही है। इस किले में सैफ अली खान की फिल्म कप्तान की शूटिंग भी हुई थी।
यहां ऐसे पहुंचे-
बारां से अटरू होते हुए अच्छा सड़क मार्ग है। झालावाड़ जिले के खानपुर मार्ग से भी जुड़ा है।
यह सावधानी जरूरी-
अभयारण्य के कारण वन्यजीवों का खतरा है।

8. रामगढ़ क्रेटर (Ramgarh crater)-
विश्व प्रसिद्ध धरोहर में शामिल करोड़ों साल पहले उल्कापात से बना विशाल क्रेटर भारत के गिने चुने क्रेटर में से एक है। क्रेटर अंगूठीनुमा आकार में बना 3.2 किमी व्यास एवं अधिकतम ऊंचाई 200 मीटर का है। निकट पहाड़ी पर अन्नपूर्णा कृष्णाई माता प्रमुख आस्था स्थल है।
यहां ऐसे पहुंचे-
बारां शहर से 45 किमी दूर है। किशनगंज होते हुए या मांगरोल से सीधे रामगढ़ पहुंचा जा सकता है।
यह सावधानी जरूरी-
अधिक ऊंचाई और गहराई होने के कारण सावधानी जरूरी। यहां किसी भी तरह की सुविधा नहीं है। इसलिए अपनी तैैयारी के साथ जाएं।

Show More

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned