नए अस्पताल व सुपरस्पेशलिटी विंग में अलग-अलग होगा स्टॉफ

कोरोना संक्रमण के कारण अब कोविड-19 के लिए घोषित नए अस्पताल व सुपरस्पेशलिटी विंग में मरीजों की संख्या बढऩे से वार्ड बढऩे लगे है। ऐसे में दोनों जगहों पर डॉक्टर व स्टॉफ अलग-अलग होगा। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी।

By: Abhishek Gupta

Published: 23 Apr 2020, 08:45 AM IST

कोटा. कोरोना संक्रमण के कारण अब कोविड-19 के लिए घोषित नए अस्पताल व सुपरस्पेशलिटी विंग में मरीजों की संख्या बढऩे से वार्ड बढऩे लगे है। ऐसे में दोनों जगहों पर डॉक्टर व स्टॉफ अलग-अलग होगा। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी।

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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि बुधवार को सुबह जारी कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट में कुछ कार्मिक पॉजीटिव आए। ऐसे में अन्य कार्मिकों से बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। उसके बाद अतिरिक्त प्राचार्य, अधीक्षक व विभागाध्यक्ष की बैठक ली। जिसमें यह निर्णय किया गया कि कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढऩे से नए अस्पताल व सुपरस्पेशलिटी विंग के दोनों अस्पतालों में अलग-अलग डॉक्टर व स्टॉफ नियुक्त किए जाएंगे। इसके लिए एमबीएस अस्पताल व रामपुरा जिला अस्पताल से दस-दस नर्सिंग स्टॉफ के आदेश जारी किए है।

रोटेशन से कम हो सकता है तनाव
मेडिकल कॉलेज प्रशासन यदि रोटेशन से ड्यूटी लगाये तो कार्मिको का मानसिक तनाव काफी हद तक कम हो सकता है। जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज स्थित माइक्रोबायलॉजी लेब में स्टाफ लगातार काम कर रहा है। 7 दिन के बाद रोटेशन के तहत एमबीएस स्थित सेंट्रल लेब से माइक्रोबायलॉजी स्टॉफ को लगाया जाए तो कुछ हद तक कॉलेज लेब स्टॉफ का तनाव कम होगा।

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