OMG... वायरल इंफेक्शन के बाद हो गया लकवा..

DHIRENDRA TANWAR

Publish: Nov, 10 2018 12:35:13 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 12:35:14 PM (IST)

Kota, Rajasthan, India

कोटा. वायरल बुखार ठीक होने के बाद अगर आपको सिहरन, दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होती है तो इसे हल्के में ना लें। तुरन्त चिकित्सक की सलाह लें। नहीं तो आपको लकवा हो सकता है। आप जीबी सिंड्रोम का शिकार हो सकते हैं। एमबीएस अस्पताल के न्यूरो विभाग में हर महीने 5 से 7 ऐसे मरीज आ रहे हैं, जो वायरल इंफेक्शन ठीक होने के बाद जीबी सिंड्रोम का शिकार हुए हैं।

हाथ-पैर नहीं करते काम

उत्तरप्रदेश के बांदा जिला कमासिन क्षेत्र के अंदौरा गांव निवासी रानू बेगम पत्नी मोहम्मद अली कोटा में प्रेमनगर द्वितीय निवासी अपने परिचित मोहम्मद रफीक के यहां आई थी। यहां उन्हें वायरल इंफेक्शन हुआ। ठीक होने के बाद शरीर में थकावट रहने लगी। 11 अक्टूबर को रानू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में जीबी सिंड्रोम बीमारी पाई गई। चिकित्सकों ने पूरे शरीर का ब्लड बदलने व आईबीआईजी के 28 इंजेक्शन लगाने की बात कही, लेकिन स्थिति नहीं संभलने पर एमबीएस अस्पताल रैफर कर दिया। जहां डॉ. विजय सरदाना व डॉ. भारत भूषण ने उपचार किया। बीमारी को लंबा समय होने के कारण पांच मिथकल इंजेक्शन लगाए गए। महिला की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। अभी वह घर पर है। उसके दोनों पैर व हाथ काम नहीं कर रहे हैं।

ये है लक्षण
हाथ-पैर सुन्न होना
शरीर में सिहरन, अंगुलियों में सुई सी चुभन।
शरीर में कमजोरी महसूस करना।
आंखों या चेहरे को घुमाने, बात करने, चबाने और निगलने में परेशानी होना।
रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में तेज दर्द।
दिल का तेजी से धड़कना, सांस लेने में परेशानी। लकवा भी हो जाता।

उपचार
इसके इलाज के लिए आईबीआईजी के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। मरीज को ठीक होने में छह माह का समय लगता है। ऐसे मामलों में 90 प्रतिशत तक मरीज ठीक हो जाते हैं।

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