कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया मंत्र, ' चार एम Ó का ध्यान रखें उद्यमी तो तरक्की पक्की

कोटा में कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से सोयाबीन दुग्ध व उसके विभिन्न उत्पादों पर आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार से शुरू हुआ।

 

By: Hemant Sharma

Published: 14 Jul 2020, 11:15 PM IST

कोटा. कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से सोयाबीन दुग्ध व उसके विभिन्न उत्पादों पर आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मंगलवार से शुरू हुआ। प्रशिक्षण में पहले दिन मुख्य अतिथि कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.सी.जोशी ने उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौर में युवाओं को रोजगार से जोडऩा जरूरी है।


सम्पूर्ण समाज स्वास्थ्य उत्पादों पर अधिक आकर्षित हो रहा है तो हमें सोयाबीन के स्वास्थ्य वर्धक उत्पाद हाई प्रोटीन पाउडर, सोया पनीर, दुग्ध आदि की उद्यमिता पर इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम पर जोर देना चाहिए। उद्यमिता के मुख्य चार एम ( मार्केटिंग, मनी, मशीनरी, मेन पावर ) ध्यान में रखकर उद्योग की स्थापना करनी चाहिए। सोया दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादन सम्बन्धी यूनिट लगाकर युवा उद्यमी बन सकते है। कृषि विश्वविद्यालय की निदेशक डॉ. ममता तिवारी ने सोयाबीन की पौष्टिकता व उद्यमिता के आवश्यक पहलुओं की जानकारी दी।

युवाओं ने दिखाया उत्साह

केन्द्र के प्रभारी, डॉ. महेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में बिहार, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, उडीसा व राजस्थान के 22 युवाओं ने भाग ले रहे हैं। डॉ. कमला महाजनी ने बताया कि प्रशिक्षण में सोया दूध, पनीर, दही, श्रीखण्ड़, छाछ आदि उत्पादों पर लाइव डेमोस्टेशन व थ्योरी दोनों ही बताए जाएंगे। प्रशिक्षणार्थियों को ई-सार्टिफिकट दिए जाएंगे।

प्रशिक्षण 17 तक

प्रशिक्षण के अन्तर्गत सोयाबीन दुग्ध व उसके विभिन्न उत्पादों पर 4 दिवसीय प्रशिक्षण 17 जुलाई तक दिया जाएगा। मुख्य युवाओं में सोयाबीन उत्पादों के बारे में जागरूकता व रूचि पैदा करने के उद्दंेश्य से प्रशिक्षण शुरू किया गया है।

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