सिर्फ तीन शिक्षक उतरे मापदण्डों पर खरे

सिर्फ तीन शिक्षक उतरे मापदण्डों पर खरे

Deepak Sharma | Publish: Sep, 03 2018 09:00:00 AM (IST) Kota, Rajasthan, India

शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान का मामला

कोटा का एक भी शिक्षक नहीं, बारां से नहीं मिले प्रस्ताव

 

कोटा. राज्य सरकार की ओर से शिक्षक दिवस पर 5 सितम्बर को किए जाने वाले शिक्षक सम्मान में संभाग से महज तीन शिक्षक मापदण्डों पर खरे उतरे हंै। कोटा एजुकेशन सिटी से एक भी शिक्षक नहीं है, जबकि विभाग को बारां से एक भी प्रस्ताव नहीं मिला।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार हर वर्ष जयपुर में शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करती है। शिक्षा विभाग प्रत्येक स्कूल से शिक्षक सम्मान के लिए प्रस्ताव मांगता है। इस बार झालावाड़ से 2, कोटा से 2, बूंदी से 1 कुल पांच प्रस्ताव आए। इनमें से झालावाड़ के दो व बूंदी से एक शिक्षक का चयन हुआ है।

बारां से एक भी प्रस्ताव नहीं

कोटा से दो शिक्षकों के प्रस्ताव आए, लेकिन मापदण्डों पर खरे नहीं उतरे, दोनों खारिज हो गए। जबकि बारां जिले से तो एक भी शिक्षक का प्रस्ताव नहीं आया। जानकारों ने बताया कि शिक्षक दिवस पर पुरस्कार के लिए कठोर मापदण्डों के चलते लगातार शिक्षकों का रुझान कम हो रहा है। शिक्षा विभाग के पास पहले जहां 15 से 20 शिक्षकों के प्रस्ताव आते थे, लेकिन मापदण्ड कठोर होने से अब पांच-छह प्रस्ताव आ रहे हैं।

1150 स्कूल में 18,130 शिक्षक
संभाग के कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ जिले के करीब 1150 राजकीय माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में करीब 18,130 शिक्षक हंै, लेकिन विभाग के मापदण्डों पर महज तीन खरे उतरे।

ये हैं मापदण्ड

1 प्राइमरी में सभी विद्यार्थियों की ए-ग्रेड होनी चाहिए।
2. 15 साल शिक्षक के रूप में कार्य का अनुभव।

3. 2 लाख की जगह अब 10 लाख जनसहयोग करवाया हो।
4. शिक्षक की परर्फोमेंस अच्छी हो

5. बोर्ड परीक्षा परिणाम लगातार पांच साल तक सौ फीसदी हो।
6. तहसील व जिला स्तर पर पुरस्कृत व राष्ट्रीय कार्यक्रम में योगदान हो।

इनका होगा सम्मान
राज्य स्तर पर पुरस्कार के लिए बूंदी जिले के हिण्डौली कस्बे के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार निर्मल, झालावाड़ जिले के सलोतिया राउमावि के प्रधानाचार्य बालचंद कारपेंटर व नानौर के राउमावि के हिन्दी व्याख्याता ओमप्रकाश मेहर का चयन हुआ है।

शिक्षा विभाग के मापदण्ड कठिन हैं। इन्हें सरल करना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक शिक्षकों के प्रस्ताव जाएं। शिक्षकों को भी पूरी मेहनत, समर्पण व ईमानदारी से काम करने की जरूरत है।
मनोज भारद्वाज, जिला अध्यक्ष, पुरस्कृत शिक्षक फोरम कोटा जिला

विभाग के पास पांच शिक्षकों के प्रस्ताव आए थे। उनमें से तीन का ही चयन हुआ है। कोटा से दो प्रस्ताव खारिज हो गए। बारां से एक भी नहीं आया, जो शिक्षक खरे उतरे हंै, उनका राज्य स्तर पर सम्मान किया जाएगा।

अजीत लुहाडिय़ा, सहायक निदेशक, शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय कोटा

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