नहीं तो बफर सिलेण्डर भी हो गए थे खत्म, जामनगर व भिवाड़ी से आई प्राणवायु

ऑक्सीजन की कमी झेल रहे कोविड अस्पताल में बुधवार को बम्पर ऑक्सीजन मिलने से मरीजों व जिला प्रशासन को राहत की सांस मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा में एक बार फिर ऑक्सीजन की बम्पर उपलब्धता हुई है।

By: Abhishek Gupta

Updated: 13 May 2021, 01:51 PM IST

कोटा. ऑक्सीजन की कमी झेल रहे कोविड अस्पताल में बुधवार को बम्पर ऑक्सीजन मिलने से मरीजों व जिला प्रशासन को राहत की सांस मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से कोटा में एक बार फिर ऑक्सीजन की बम्पर उपलब्धता हुई है। बिरला के प्रयासों से जामनगर से टैंकर 28 मिट्रिक टन ऑक्सीजन लेकर कोटा पहुंचा। टैंकर से सीधे मेडिकल कॉलेज के लिक्विड टैंक में खाली करवाया गया। यहां 15 टन ऑक्सीजन खाली की गई।

शेष बची ऑक्सीजन रानपुर स्थित हाड़ौती लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में भिजवाई गई। वहां से अन्य अस्पतालों को भी ऑक्सीजन की सप्लाई होती रहेगी। ऑक्स्ीजन का पर्याप्त स्टॉक होने पर मरीज, परिजन, अस्पताल प्रबंधन व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने राहत महसूस की है।
कोटा में सोमवार रात ऑक्सीजन की कमी से लोकसभा अध्यक्ष काफी बैचेन थे। उन्होंने रात को ही जामनगर से रिफाइनरी प्रबंधन से बातकर टैंकर भिजवाने का आग्रह किया था। रिफाइनरी प्रबंधन ने लोकसभा अध्यक्ष की बात मानकर दो घंटे अंदर टैंकर रवाना कर दिया। कोटा मेडिकल कॉलेज संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां 550 से अधिक मरीज ऑक्सीजन पर है।

भरतपुर से भी पहुंचा ऑक्सीजन टैंक
सुबह राज्य सरकार की ओर से प्रतिदिन भिवाड़ी से भेजे जाने वाला ऑक्सीजन दो दिन से नहीं भेजा जा रहा था। एक टैंकर को भरतपुर से डायवर्ट कर कोटा भिजवाया गया। इस टैंक में भी 5 टन ऑक्सीजन लिक्विड आई। इसे भी मेडिकल कॉलेज के टैंक में खाली करवाया गया। इससे कोटा मेडिकल कॉलेज में अब पर्याप्त ऑक्सीजन का स्टॉक हो गया है। अब कोविड अस्पताल में दो दिन तक ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी।

रातभर जागे, बफर स्टॉक भी खत्म
कोटा मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट प्रभारी डॉ. चिरंजीलाल खेडिय़ा ने बताया कि अस्पताल को पर्याप्त ऑक्सीजन मिल गई है। अब दो दिन तक कोई परेशानी नहीं रहेगी, लेकिन टैंक रोजाना आना चाहिए। इससे बैकअप में ऑक्सीजन रहेगी, तभी कोटा चैन की नींद सो पाएगा। रात को ऑक्सीजन की कमी के कारण प्रशासन पूरा अलर्ट रहा। रातभर जागे। हर आधे घंटे में गाड़ी से सिलेण्डरों की आपूर्ति होती रही। 170 सिलेण्डरों का बफर स्टॉक भी खत्म सा हो गया। 10 से 20 सिलेण्डर ही बचे है। अब उनको जल्द भरवाएंगे, ताकि बैकअप में सिलेण्डर रह सके।

रातभर मैनेज किया
एसएसबी विंग अधीक्षक डॉ. निलेश जैन ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी के कारण व्यवस्थाओं को मैनेज करने में रातभर जागे। प्रशासन से वाट्सअप पर सम्पर्क रहा। मैसेज चलते रहे। जिला प्रशासन का पूरा सहयोग मिला।

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