पैसेंजर ट्रेनें "बेरोजगार", मालगाड़ियां बनीं कमाऊ पूत

कोटा. कोरोना संक्रमण के कारण चुनिंदा यात्री ट्रेनों का ही संचालन किया जा रहा है। इस कारण पटरियों पर ज्यादा भार नहीं है। इसके चलते मालगाडिय़ों की औसत रफ्तार और आय में इजाफा हुआ है।

By: Deepak Sharma

Published: 02 Aug 2020, 11:43 PM IST

कोटा. कोरोना संक्रमण (corona virus) के कारण चुनिंदा यात्री ट्रेनों (passenger train) का ही संचालन किया जा रहा है। इस कारण पटरियों पर ज्यादा भार नहीं है। इसके चलते मालगाडिय़ों की औसत रफ्तार में इजाफा हुआ है। कोटा मंडल में जुलाई माह में मालगाडिय़ों की रफ्तार 52 किलोमीटर प्रतिघंटा रही, जबकि पिछले साल जुलाई में 33.4 किलोमीटर प्रतिघंटा की औसत गति से मालगाडिय़ां (Goods train) चलाई गई थीं। जुलाई में औसतन 385 वैगन प्रतिदिन लोडिंग की गई, जो कि पिछले साल जुलाई 2019 की 303 वैगन प्रतिदिन की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है।

इसी प्रकार माह जुलाई 2020 में कोटा मंडल ने 0.749 मीलियन टन जावक माल की ढुलाई की, जबकि पिछले साल जुलाई 2019 में 0.582 मीलियन टन लोडिंग की गई थी। यह लोडिंग पिछले साल की लोडिंग से 28 प्रतिशत अधिक है। इससे वाणिज्य विभाग ने 78 करोड़ 22 लाख की आय अर्जित की है, जबकि पिछले साल जुलाई 2019 में मात्र 58 करोड़ आय अर्जित की गई थी। इस साल जुलाई माह में 20 करोड़ ज्यादा आय अर्जित की गई है। मंडल में इस साल 13 कन्टेनर रैक लोड किए गए, जबकि पिछले साल मात्र 8 रैक ही कन्टेनर के लोड हुए थे। इसी तरह एफ सीआई के भी में 14 रैक लोड किए गए, जबकि पिछले साल जुलाई में एक भी रैक लोड नहीं हुआ था।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजय कुमार पाल ने बताया कि आवक परिवहन में इस वर्ष जुलाई में 533 रैक प्राप्त हुए, जबकि पिछले साल जुलाई के महिने में 461 रैक आए थे। पिछले साल जुलाई 2019 की 47 लॉग हॉल ट्रेनों की तुलना में इस साल जुलाई में कुल 61 लॉंग हॉल ट्रेन चलाई।

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