आधे शहर को नहीं मिल रहा शुद्ध व पर्याप्त पानी

रावतभाटा शहर में पानी की बदौलत ही पन बिजलीघर में हर साल मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। आर्थिक सुदृढ़ता का पैमाना भी पानी ही है। यहां की जीवन रेखा भी इसी से चल रही है। इसके बाद भी यहां के निवासियों को पर्याप्त व शुद्ध पानी नसीब नहीं हो पा रहा।

By: Haboo Lal Sharma

Published: 19 Jan 2021, 06:06 PM IST

रावतभाटा. शहर में पानी की बदौलत ही पन बिजलीघर में हर साल मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। आर्थिक सुदृढ़ता का पैमाना भी पानी ही है। यहां की जीवन रेखा भी इसी से चल रही है। इसके बाद भी यहां के निवासियों को पर्याप्त व शुद्ध पानी नसीब नहीं हो पा रहा। नीचे की बस्तियों में तो नाममात्र आपूर्ति होती है। पाइप लाइनें गंदगी में से होकर गुजरने के कारण दूषित पानी की भी शिकायतें झूठी नहीं है। जब बात पानी की छिड़ी तो कई बस्तियों के लोगों ने अपनी पीड़ा बयां की।

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कुछ इस तरह है यहां व्यवस्था
पूरे शहर में दो पम्प हाउस के माध्यम से जलापूर्ति की जाती है। दो हिस्सों में बंटे शहर के एक हिस्से में पर्याप्त और शुद्ध पानी की आपूर्ति हो रही है। जबकि दूसरे हिस्से में लोग पानी को तरस रहे हैं। आरएपीपी कॉलोनी स्थित पम्प हाउस से इसी कॉलोनी और हैवीवाटर कॉलोनी में जलापूर्ति होती है। लोगों का कहना है कि आरएपीपी प्रशासन की सुदृढ़ व्यवस्था के चलते यहां 24 घंटे फिल्टर पानी आ रहा है। वहीं डेम रोड स्थित वाटर पम्प हाउस से रावतभाटा के शेष वार्डोँ में जलापूर्ति होती है। इस पम्प हाउस की दशा खराब होने से अधिकांश वार्डों में दूषित व अपर्याप्त आपूर्ति हो रही है।

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एक समय ही आपूर्ति
भाजपा नगर महामंत्री व व्यापार संघ अध्यक्ष हर्ष जैन ने बताया कि पुराना बाजार, सदर बाजार में मटमैला पानी की शिकायत है। आपूर्ति भी एक समय ही होती है। उन्होंने बदबूदार पानी आने की भी शिकायत की है। लोगों ने बताया कि नया बाजार, चारण बस्ती, मानव मंदिर परिसर, हाट चौक, कोटा बेरियल, चेतक मार्केट, पुराना बाजार, हाट चौक, हम्माल मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला, राम टेकरी, आदर्श नगर, इकराम मोहल्ला एवं आरएपीपी की सभी कॉॅलोनियों में पानी की समस्या है।

हालात और बुरे
लगभग 800 घरों की व्यावर बस्ती के हाल और बुरे हैं। अपर्याप्त के साथ दूषित पानी की भी समस्या है। गोपीलाल हाड़, भैया स्वामी आदि ने बताया कि बस्ती में सुबह व शाम को एक घंटे जलापूर्ति होती है। सालभर से दूषित पानी आ रहा है। शिकायत, धरने-प्रदर्शन सब कर लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा।

सरकारी नल के भरोसे
वार्ड 14, 15, 16 को तो सरकारी नल के भरोसे छोड़ रखा है। वार्ड 14 में कुछ घरों में नल कनेक्शन है। ऐसे में दो सरकारी नलों से ही महिलाएं पानी भरती है। रेखा देवी सहित कई महिलाओं ने बताया कि वार्ड में पानी की परेशानी है। शाम को आधा घंटे ही पानी आता है। वह भी कम दबाव से आने के चलते कतार लगानी पड़ती है। दूषित पानी की भी समस्या है। कई बार सरकारी नल पर पानी भरने के लिए झगड़े तक की नौबत आ जाती है।

27 वार्डों मेें हालत खराब
शहर में कुल 40 वार्ड हैं। 13 में जलापूर्ति सामान्य है, शेष 27 वार्डोँ में दूषित व अपर्याप्त आपूर्ति की शिकायत है। वार्ड 9, 10, 11, 12, 13 व 14 में परेशानी ज्यादा है। यहां एक समय जलापूर्ति की जा रही है। दूषित पानी की शिकायत भी करते हैं। वार्ड 7 के पार्षद हरीश प्रजापत ने बताया कि नीचे बाजार क्षेेत्र के 16 वार्डों में आधा-पौन घंटे एक समय ही पानी दिया जाता है। समस्या इन वार्डों में पिछले चार-पांच साल से है।

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