केंद्र सरकार के इस निर्देश के बाद 5 से 7 रुपए तक सस्ता हो सकता है पेट्रोल..

Rajesh Tripathi

Updated: 12 Jun 2019, 06:03:50 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. केन्द्र सरकार के निर्देश पर ऑयल कम्पनियां प्रदेश सहित देशभर में दस फीसदी एथेनॉल का मिश्रण कर पेट्रोल बेच रही है। एथेनॉल और पेट्रोल की कीमत में जमीन-आसमान का अंतर है। यदि केन्द्र सरकार चाहे तो पेट्रोल उपभोक्ताओं को 5 से 7 रुपए प्रति लीटर सस्ता पेट्रोल उपलब्ध करवा सकती है।
कोटा में इन दिनों पेट्रोल की कीमत 75 रुपए प्रति लीटर के आसपास है। एथेनॉल की एक लीटर की कीमत अधिकतम 25 रुपए लीटर होती है। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के बाद भी उपभोक्ताओं को कीमतों में कोई राहत नहीं है। पूर्व की तरह पेट्रोल के दाम वसूल किए जा रहे हैं। जबकि सरकार को सीधे तौर पर प्रति लीटर करीब 7.50 रुपए का फायदा हो रहा है। यदि सरकार चाहे तो उपभोक्ताओं को भी फायदा पहुंचा सकती है। जिससे उन्हें 5 से 7 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल सस्ता मिल सकता है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले पिछले सप्ताह जयपुर में हुई बैठक में इस मसले पर चर्चा भी हुई। एसोसिएशन ने विभिन्न मांगों के साथ पेट्रोल की कीमत कम करने का प्रतिवेदन केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजने का निर्णय किया।


सरकार को कमाई
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचने से सरकार को मोटी कमाई हो रही है। कोटा में प्रतिदिन करीब 4.50 लाख लीटर पेट्रोल की खपत है। पेट्रोल पर 28 प्रतिशत वैट वसूल किया जाता है। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी सरकार इसी दर से वैट वसूल रही है।


बारिश में दिक्कत
ऑटो मोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों की टंकियां और पेट्रोल पम्प भी एथेनॉल मिश्रण के अनुकूल नहीं है। एथेनॉल नमी या पानी के सम्पर्क में आते ही पानी में तब्दील हो जाता है। कई जगह तो पेट्रोल पम्पों पर शेड तक नहीं है। ऐसी स्थिति में बारिश में पेट्रोल भरते समय एक बूंद टंकी में चली गई तो वाहन चॉक हो जाएगा। इस तरह की परेशानी बारिश में ज्यादा होने की संभावना है। हालांकि पेट्रोल पम्पों पर इस बारे में ग्राहकों को जागरुक करने के लिए सूचना बोर्ड लगा रखे हैं।


4.50 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री प्रतिदिन
8.50 लाख लीटर डीजल की बिक्री प्रतिदिन
75 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल के दाम
150 पेट्रोल पंप है कोटा जिले में

जीएसटी फ ार्मूला तय हो
& पेट्रोल-डीजल पर भी जीएसटी लागू होनी चाहिए। जीएसटी फार्मूले के तहत टैक्स की दर निश्चित कर दी जाए। देश के अलग-अलग राज्यों में पेट्रोलियम पदार्थों की दरें अलग-अलग है। जीएसटी लागू होने से एकरूपता आएगी। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण करने के बाद निश्चित रूप से पेट्रोल की दरें कम होनी चाहिए। दरों से लेकर एथेनॉल मिश्रण से आ रही परेशानियों के संबंध में केन्द्र सरकार तथा पेट्रोलियम मंत्रालय को अवगत करा चुके हैं।
तरूमीतसिंह बेदी, अध्यक्ष, कोटा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन

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