कोटा. अल सुबह के अंधरे में योग की ललक इस कदर दिखाई दी की जो भी दिखा बस आरएसी ग्राउंड की ओर जाता दिखाई दिया। शहर ही नहीं संभाग के कोने-कोने से गाडिय़ां योग स्थल पर पहुंच रही थी। बाबाराम देव के द्वारा कराई जा रही योग क्रियाओं को लोग अपने मन मस्तिष्क जीवन में उतारने के लिए आतुर दिखाई दिए। चेहरे पर खुशी के भाव, मन में जोश और उर्जा का संचार केवल योग से ही आ सकता है। ऐसी भावनाओं ओर जोश से भरे लोग बुधवार को भी देखने को मिले। ये नजारे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोटा में हो रहे राज्यस्तरीय योग कार्यक्रम के तहत दिखाई दिए।

 

International yoga day: कोटा में योगगुरु रामदेव ने कहा जो भी कार्य करें परफेक्शन के साथ करें तभी सफलता मिलेगी

सुबह की ठंड़ी बयार के बीच बाबा रामदेव ने लोगों को योग के माध्यम से जीवन में बदलाव के कई योगासन बताए और कराए भी। बाबा ने कहा कि यो भारत की पहचान है, साथ ही जीवन के लिए योग वरदान हैं। योग अंतरमन के दीप जलाकर शांत मन व स्वभाव करता है। इस दौरान कई योग क्रियाएं कराई गई। 5 साल के बच्चें से लेकर 100 साल के योगियों ने योग किया।

 

ये हमारे पुरखों की विरासत, इसमें कोई सियासत नहीं

बाबा रामदेव ने कहा कि हम योगियों की संतान हैं, हमारे डीएनए में भी योग है। ये हमारे पुरखों की विरासत है इसमें कोई सियासत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई काम हो वह केवल मेहनत से ही होगा, किसी भी क्षेत्र में कार्य करें मेहनत पूरी करें। बाबा रामदेव ने कहा खुद महान बनोगें तभी भारत महान बनेगा, ओर ये काम यहां बैठे हजारो बच्चें करेंगे। भारत एक बार फिर से विश्व गुरू बनेगा, जिसकी ओर वह अग्रसर है।

 

International yoga day: कोटा में हो रहा योग का ओलंपिक, बनाए जाएगें 100 से ज्यादा वर्ल्ड रिकॉर्ड

प्रदेश के चिकित्सा मंत्री से नहीं हुई योग क्रियाएं

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुर्वेद व भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग मंत्री कालीचरण सराफ के कंधों पर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था का भार है। ये भार इतना अधिक हो गया कि उनसे बुधवार को योग कार्यक्रम में योग की एक भी क्रियाएं ठीक से नहीं हो सकी। केवल शव आसन में वह आराम से लेटे हुए दिखाई दिए। अन्य क्रियाओं में वह या तो बगले झाकते रहे या असंतुलित होकर इधर से उधर डगमगाते रहे। जब सब योग कर रहे थे तो वह बैठे ही रहे। उनका वढ़ता वजन योग क्रियाओं में आड़े आया। एक बार बाबा रामदेव ने भी चिकित्सा मंत्री के बढ़ते वजन की चर्चा की।

 

खेलों की तरह योग का ओलम्पिक हो रहा है यहां

विश्व व ऐशिया क्रीर्तिमान की टीम सदस्य मनीष विश्नाई ने कहा कि पिछले दो दिनों में कई तरह के योग रिकार्ड बने हैं। जिस शिर्षासन का रिकार्ड एक घंटे का था उसे 3 घंटे तक कर तोड़ गया साथ ही मना करना पड़ा की कहां तक करेंगे। जिस तरह खेलों का ओलम्पिक होता है ऐसा ही यहां योग का ओलम्पिक देखने को मिल रहा है। इन तीन दिनों में यहां 100 से अधिक रिकार्ड बनाए जाएंगे।

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