ओम बिरला 2 वोटों से हार गए थे पहला चुनाव, फिर न खुद कभी हारे और न किसी को हारने दिया...

Rajesh Tripathi

Publish: Jun, 19 2019 08:41:10 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा के सांसद ओम बिरला ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर के पद को संभाल लिया। उनके इस मुकाम पर पहुंचने के बाद उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है। बचपन में स्कूल के समय उनके मित्र रहे सुरेंद्र गोयल बताते हैं कि राजनीतिक जीवन के अपने पहले चुनाव में ओम बिरला महज 2 वोटों के अंतर से हार गए थे। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। न वे खुद कभी चुनाव हारे और जहां भी चुनाव की जिम्मदारी मिली वहां भी किसी को हारने दिया। आज वे अपने चुनावी मैनेजमेंट के लिए पूरे देश में मशहूर है।

17 वर्ष की उम्र मेें अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत करने वाले बिरला को भाजपा ने 2014 में प्रत्याशी बनाया था। इससे पहले वे कोटा की दक्षिण विधानसभा सीट ले लगातार तीन बार विधायक रहे हैं। 2003 में पहला चुनाव लड़ा और हाड़ौती के कद्दावर नेता शांति धारीवाल को मात देकर दमखम दिखाया था इसके बाद 2008 में और 2013 में भी लगातार जीत हासिल की। वहीं, 2019 लोकसभा चुनाव में साढ़े तीन लाख से ज्यादा मतों से जीत हासिल की। खास बात यह रही की हर चुनाव में इनकी जीत का अंतर बढ़ता गया।

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