
कोटा. मेडिकल कॉलेज (kota Medical college ) के एमबीएस अस्पताल ( MBS Hospital ) में भर्ती पूनम कंवर की हालत दयनीय होने के बाद भी अस्पताल से छुट्टी देकर अपना घर भेजने के मामले के बाद जिला कलक्टर ( District collector ) ने दखल किया है। रीढ़ की हड्डी टूटने, घाव होने और गंभीर संक्रमण होने के बाद भी इस तरह छुट्टी देने का मामला मीडिया में आने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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राजस्थान पत्रिका ( Rajasthan patrika ) ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। सुबह अखबार पढऩे के बाद जिला कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल और जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव हरकत में आए। कलक्टर ने उप जिला कलक्टर दिव्यांशु शर्मा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक ओ.पी. तोषनीवाल को रोगी उपचार की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने अस्पताल में जाकर पूनम का हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की पूरी जानकारी ली। वहीं पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने पीडि़ता को न्याय दिलाने की बात कही है। अपनाघर आश्रम से शनिवार सुबह पूनम को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती कराया।
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पूनम के अस्पताल पहुंचने पर वार्ड तक पहुंचाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई गई। उपजिला कलक्टर आधा घंटे रुके। उन्होंने पूनम के उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से दवाइयां, बेड नि:शुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बेड के पास कूलर लगाया गया। उसके बाद ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉ. राजेश गोयल ने उपचार शुरू कर दिया। अपनाघर आश्रम के सचिव मनोज जैन आदिनाथ ने बताया कि देखरेख के लिए आश्रम से एक नर्सिंग स्टाफ, तीन कार्मिक भी तैनात किए हैं।
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परिवार का नहीं मिला साथ…
गौरतलब है कि बिजौलिया क्षेत्र के केसूविलास निवासी बीस वर्षीय महिला पूनम राजपूत को तीन माह पहले ससुर दिलीप सिंह व दादी सास प्रेमकंवर ने घर की छत से फेंक दिया। नीचे गिरने से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उसका अहमदाबाद में इलाज चला। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। पति उसे जयपुर पीहर छोड़कर चला गया। पिता नहीं है। मां भी मानसिक रूप से पीडि़त है। भाई का भी साथ नहीं मिला। उसका उपचार नहीं होने से शरीर में गहरे घाव हो गए। तीन दिन पहले कोटा के श्रीराम नगर निवासी चाचा उसे गाड़ी से एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाकर चले गए। लावारिस मानकर अस्पताल ने भी उसका उपचार नहीं किया। डिस्चार्ज कर अपनाघर आश्रम भेज दिया।
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पूनम के घाव की वजह से न्यूट्रिशियन पूरा नहीं मिला है। प्रोटीन की की कमी से लगातार घाव बढ़ता जा रहा है। लगातार लेशरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती जा रही है। उसे अस्पताल में भर्ती कर लिया है। आज ब्लड के साथ प्रोटीन दिया है। घाव पर ड्रेसिंग की है। हवादार गद्दा लगा दिया है। सोमवार से उसकी फिजियोथैरेपी शुरू हो जाएगी। रीढ़ की हड्डी पर चोट से उसे लकवा हुआ है। उसमें जरूर समय लग सकता है।
डॉ. राजेश गोयल, अस्थि रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज