सरकार ये तीन बातें मान ले तो उबर सकते है मंदी से, एक स्वर में बोले कोटा के उद्यमी व व्यापारी

Suraksha Rajora

Updated: 16 Jan 2020, 06:58:35 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. केन्द्रीय बजट व राज्य पेश पेश करने की तेयारियां चल रही है। दोनों की सरकारें विभिन्न वर्गो से बजट से पूर्व बैठकें कर सुझाव ले रही है। राजस्थान पत्रिका ने गुरुवार को जीएमए हॉल में प्री-बजट पर सेमिनार आयोजित की गई। इसमें उद्यमियों और व्यापारियों ने बजट में क्या प्रावधान लागू होने चाहिए, ताकि व्यापार व उद्योगों को सम्बल मिल सके।

मंदी से कैसे उद्योग और व्यापार उभर सकते हैं, इसके बारे में सुझाव दिए। कोटा के उद्यमी व व्यापारी चाहते है कि केन्द्रीय बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपए की जानी चाहिए। जीएसटी की विसंगतियां दूर हो साथ ही जीएसटी में करों की दरों का पुननिर्धारण होना चाहिए। कोटा के उद्यमी और व्यापारी वित्तीय वर्ष में 2020-21 का कैसा चाहते हैं बजट पेश है एक रिपोर्ट :

नीतियों में स्थायित्व हो

बजट की घोषणाओं की क्रियान्विति सुनिश्चित होनी चाहिए। राज्य सरकार की नीतियों का स्थायित्व होना चाहिए। अव्यवहारिक नीतियों से उद्यमी परेशान होते हैं। रीको क्षेत्र में हाूेटल और हॉस्टल अनुमति में ऐसा ही हुआ है। खनन क्षेत्र में नौ टन परिवहन के कानून में राहत मिले। बजट से पूर्व सरकार को लघु और मंझोले व्यापारियों से भी संवाद करना चाहिए। ऑनलाइन कारोबार को हतोत्साहित करें। अशोक माहेश्वरी, महासचिव कोटा व्यापार महासंघ

मेडिकल क्षेत्र में दोहरी नीति बंद हो

मेडिकल क्षेत्र में सरकार दोहरी नीति अपना रही है। मेडिकल के ऑनलाइन कारोबार पर कोई नियम लागू नहीं किए जा है। पिछले दिनों कोटा में दवाइयां के खाली कैप्सून पकड़े, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वही मेडिकल कारोबारियों के यहां डग्स विभाग आए दिन जांच करता है। एक जैसे नियम लागू हो। ऑलाइन कारोबार बंद किया जाए। जीएसटी का सरलीकरण किया जाना चाहिए। क्रांति जैन अध्यक्ष कोटा व्यापार महासंघ

20 कैरट पर हॉलमॉर्क लागू हो

बजट में सोने पर आयात शुल्क कम करने की घोषणा करनी चाहिए। तेल के बाद सरकार को सोने से सबसे अधिक राजस्व अर्जित होता है। हाल में 14.18 तथा 22 कैरट सोने के आभूषणों पर हॉलमार्क अनिवार्य कर दिया है। यह प्रावधान केवल बड़ी कम्पनियों के फायदे के लिए लागू किया गया है। देश में सबसे अधिक सोने के आभूषण 20 कैरट में बनाए जाते हैं। 20 कैरेट सोने पर हॉलमॉर्का लागू होना चाहिए। सुरेन्द्र गोयल विचित्र अध्यक्ष श्रीसर्राफा बोर्ड

कानून की विसंगतियां खत्म करें

बजट में काननू की विसंगतियां खत्म करने की जरूरत है। फूड सेफ्टी एक्ट में निर्माता व उत्पादककर्ता पर कार्रवाई नहीं करके खुदरा विक्रेता के खिलाफ की जाती है, जबकि वह तो केवल जैसा निर्माता से माल तैयार किया है, उसका केवल विपणन करता है। कार्रवाई निर्माता पर होनी चाहिए। प्रदेश में होटल नीति लागू है, लेकिन कोटा के रीको क्षेत्र में इसे लागू नहीं माना जाता है। यह नीति यहां भी लागू होनी चाहिए। राकेश जैन अध्यक्ष जीएमए

व्यापारियों के लिए पेंशन व बीमा योजना लागू करें

सरकार को करदाताओं के लिए पेंशन लागू करने की घोषणा करनी चाहिए। करदाताओं को सरकार पाटर्नर मानती है इसलिए स्वास्थ्य बीमा करवाया जाना चाहिए। कोटा का उद्योग व व्यापार मंदी की मार झेल रहा है। इसलिए बजट में राहत देने की बड़ी घोषणा करनी जरूरत है। रमेश आहुजा महामंत्री जीएमए

विसंगति दूर करें

प्रथम पार्टी से माल लाने पर जीएसटी पूरा देने क बाद भी यदि प्रथम पार्टी जीएसटी जमा नहीं करवाती है या कारोबार बंद कर देती है तो द्वितीय पार्टी या खरीदार पर जीएसटी और जुर्माना लगाया जाता है। जबकि वह तो पूरा जीएसटी पहले ही जाम करवा चुका है। बजट में यह विसंगति दूर करें। फूड लाइसेंस में लाइसेंस की अवधि खत्म होने से एक माह पहले ही सौ रुपए प्रति दिन का जुर्माना लगाया जाता है, जो अनुचित है। नीरज मनचंदा, संयोजक एजेन्सी प्रकोष्ठ

जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए। साथ ही इसकी स्लैब में भी संशोधन की जरूरत है। पुरुषोत्तम छाबड़ा व्यापारी

आयकर छूट की सीमा पांच लाख रुपए करने की घोषणा की जाए। राज्य सरकार की ओर से कर प्रणाली का सरलीकरण किया जाए। राजकुमार ऐरन व्यापारी

बजट में केवल बड़े व्यापारियों की बात होती है। लघ व मंझोले व्यापारियों को भी राहत देने की घोषणा की जाए। विकास नाकोड़ा व्यापारी

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