कानून का जानकार है निलंबित आईआरएस, एसीबी को कर रहा गुमराह

अफीम फेक्ट्री के महाप्रबंधक शंशाक यादव को किया कोर्ट में पेश, रिमांड अवधि 1 दिन बढ़ाई, यादव के पास मिठाई के डिब्बे से मिले थे 16.32 लाख रुपए

By: dhirendra tanwar

Published: 23 Jul 2021, 12:15 AM IST

कोटा. किसानों से अफीम पट्टे जारी करने व अफीम की क्वालिटी अच्छी बताने की एवज में रिश्वत के रूप में मोटी रकम वसूलने के मामले में आरोपी उत्तरप्रदेश के गाजीपुर स्थित अफीम फेक्ट्री के महाप्रबंधक (आईआरएस) शंशाक यादव को गुरुवार को एसीबी कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने 1 दिन के लिए और रिमांड पर सौंप दिया है। एसीबी ने 4 दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने पर आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया था।

उप अधीक्षक एसीबी धर्मवीर के नेतृत्व में टीम ने आरोपी आईआरएस शशांक यादव को एसीबी कोर्ट में पेश किया। एसीबी की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर आग्रह किया गया कि प्रकरण में अनुसंधान के दौरान अफीम फैक्ट्री नीमच से अफीम फसल 2020-2021 से संबंधित एसओपी एवं वीडियो रिकॉर्डिंग प्राप्त की गई। संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ भी की गई। जिससे प्रथम दृष्टया एसओपी की पालना नहीं होना पाया गया है। आरोपी महाप्रबंधक शशांक यादव ने अनुसंधान के दौरान बरामद अवैध धनराशि 16 लाख 32 हजार 410 रुपए के बारे में धारा 27 साक्ष्य अधिनियम के तहत की सूचना दी है। इसकी तस्दीक किया जाना शेष है। आरोपी उच्च पदस्थ अधिकारी एवं कानून का जानकार है, जो अनुसंधान में सहयोग नहीं कर रहा। अनुसंधान एवं सूचना तकनीक के लिए समय की आवश्यकता है, इसके लिए आरोपी को 2 दिन की अवधि के लिए रिमांड पर सौंपा जाए। न्यायालय ने एसीबी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए आरोपी को 1 दिन के लिए और रिमांड पर सौंप दिया है।
गौरतलब है कि उदयपुर-कोटा मार्ग पर हैंगिंग ब्रिज टोल नाके के पास कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश के गाजीपुर स्थित अफीम फेक्ट्री के महाप्रबंधक (आईआरएस) शंशाक यादव के पास से 16.32 लाख रुपए मिठाई के डिब्बे से बरामद किए गए थे। एसीबी टीम को जानकारी मिली थी कि उक्त राशि अफीम काश्तकारों से अवैध रूप से वसूली गई।

शशांक यादव के पास नीमच स्थित अफीम फैक्ट्री का भी अतिरिक्त चार्ज है। आरोपी शशांक के गिरफ्तार होने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो कोटा टीम नीमच अफीम फेक्ट्री भी गई थी। नीमच में भी कार्रवाई लगातार दो दिन से चल रही थी। वहां टीम ने हर पहलू की बारीकी से जांच की। फैक्ट्री के कर्मचारी-अधिकारियों से पूछताछ की गई तथा कई रिकॉर्ड भी खंगाले गए। भ्रष्टाचार के आरोप के चलते महाप्रबंधक शशांक यादव को निलंबित कर दिया गया था।

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