एक उपनाम की बैसाखी पर चुनाव जीतने के दिन समाप्त-मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंशवादी राजनीति पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि वंशवादी राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था में अक्षमता और तानाशाही को जन्म देती है, क्योंकि ऐसे व्यक्ति परिवार की राजनीति और राजनीति में परिवार को बचाने की दिशा में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आज एक उपनाम की बैसाखी के सहारे चुनाव जीतने के दिन समाप्त हो गए हैं।

By: Deepak Sharma

Published: 12 Jan 2021, 07:27 PM IST

पत्रिका ब्यूरो . नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वंशवादी राजनीति पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि वंशवादी राजनीति लोकतांत्रिक व्यवस्था में अक्षमता और तानाशाही को जन्म देती है, क्योंकि ऐसे व्यक्ति परिवार की राजनीति और राजनीति में परिवार को बचाने की दिशा में काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आज एक उपनाम की बैसाखी के सहारे चुनाव जीतने के दिन समाप्त हो गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बातें मंगलवार को संसद भवन के सेन्ट्रल हॉल में युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय तथा लोक सभा सचिवालय की ओर से आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद, 2021 के समापन सत्र में प्रतिभागियों को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार उन लोगों पर भारी बोझ बन गया है, जिनकी विरासत भ्रष्टाचार ही थी। देश में वंशवाद की राजनीति की परेशानी अभी दूर होना बाकी है।

वंशवादी राजनीति पहले राष्ट्र को आगे बढ़ाने के बजाय स्वयं और परिवार को बढ़ावा देती है। यह भारत में सामाजिक भ्रष्टाचार का एक प्रमुख कारण है। उन्होंने युवाओं से वंशवादी व्यवस्था को जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के तीनों युवा विजेताओं के विचार भी सुने।

इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, युवा कार्य और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) किरेन रिजीजू और लोक सभा के महासचिव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

समया गुजरा, विवेकानंद का प्रभाव अब भी उतना ही
मोदी ने स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस पर उनका स्मरण करते हुए कहा कि समय गुजरता गया, देश आजाद हो गया, लेकिन स्वामी जी का प्रभाव अब भी उतना ही है। स्वामी जी ने अध्यात्म को लेकर,राष्ट्रवाद-राष्ट्र निर्माण को लेकर, जनसेवा-जगसेवा को लेकर जो कहा वह आज भी हमारे मन-मंदिर में उतनी ही तीव्रता से प्रवाहित होता हैं।

आज ईमानदारी और प्रदर्शन अनिवार्य
मोदी ने कहा कि देश में यह धारणा बन गई थी कि अगर कोई युवक राजनीति की तरफ रुख करता था तो घर वाले कहते थे कि बच्चा बिगड़ रहा है, क्योंकि राजनीति का मतलब ही झगड़ा, फसाद, लूट-खसोट, भ्रष्टाचार बन गया था। उन्होंने कहा कि आज राजनीति में ईमानदार लोगों को भी मौका मिल रहा है और इस धारणा में बदलाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और प्रदर्शन आज की राजनीति की पहली अनिवार्य शर्त होती जा रही है।

एक उपनाम की बैसाखी पर चुनाव जीतने के दिन समाप्त-मोदी

लोकतंत्र का भविष्य उज्ज्वल-बिरला
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम देश के पुनरूत्थान व संविधान और संसद को सशक्त करने के लिए युवा ऊर्जा और युवा शक्ति का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हमारे लोकतंत्र का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि हमारी युवा-शक्ति हमारे देश, हमारे लोकतंत्र और हमारी व्यवस्था में सक्रिय भागीदार है। देश में सकारात्मक बदलावों के नवाचारों के साथ युवा आगे आ रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों का आह्वान किया कि वे संसदीय प्रक्रियाओं और मूल्यों को देश में अधिकतम लोगों तक पहुंचाने के सक्रिय प्रयास करें। बिरला ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं में आत्मशक्ति और आत्मविश्वास को मजबूत करने का संदेश दिया था। वह सब में वही युवा-शक्ति और आत्मविश्वास देख रहे हैं जो असंभव-सी लगने वाली बातों को संभव बना सकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं में स्वामी जी के सपनों को साकार करने की क्षमता है।

युवाओं का सशक्तिकरण, राष्ट्र का सशक्तिकरण-पोखरियाल
केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना के बारे में बताया। प्रस्तावना का पहला वाक्य हम भारत के लोग है, जो भारतीय समाज के प्रत्येक व्यक्ति को एक राष्ट्रीय भावना से बांध कर रखता है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिक, संसदीय एवं संवैधानिक प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण है तथा नागरिकों में सबसे महत्वपूर्ण वर्ग है युवा वर्ग। युवाओं का सशक्तिकरण राष्ट्र का सशक्तिकरण है।

Congress Narendra Modi
Show More
Deepak Sharma
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned