प्रधान मुख्य वन संरक्षक करेंगे बाघ-बाघिन की मौत के कारणों की जांच

मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व से चिड़ियाघर में लाए गए एमटी-2 के शावक का इलाज जारी है। उसकी देखभाल की जा रही है। रिजर्व के चिकित्सक डॉ. तेजेन्द्रसिंह रियाड़ व रणथंभौर से आए चिकित्सक राजीव गर्ग शावक का इलाज कर रहे हैं।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 06 Aug 2020, 07:07 AM IST

कोटा. मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 15 दिनों के भीतर बाघ व बाघिन की मौत की जांच जयपुर में तैनात प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) योगेन्द्र कुमार दक करेंगे। सरकार ने बाघ एमटी-3 व बाघिन एमटी-2 की मौत की जांच के आदेश कर दिए हैं। यह आदेश मंगलवार को किए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक सरकार द्वारा आदेश करने के बाद बुधवार को दक कोटा आ गए। आदेशों के अनुसार वह बाघ व बाघिन की मौत के कारण, इसमें कहां किसकी लापरवाही और क्या कमियां रही समेत अन्य बिंदुओं के आधार पर जांच करेंगे।
इधर, मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व से चिडिय़ाघर में लाए गए एमटी-2 के शावक का चिडिय़ाघर में इलाज जारी है। उसकी देखभाल की जा रही है। रिजर्व के चिकित्सक डॉ. तेजेन्द्रसिंह रियाड़ व रणथंभौर से आए चिकित्सक राजीव गर्ग शावकों का इलाज कर रहे हैं। डॉ. रियाड़ ने बताया कि शावक की हालत में पहले की अपेक्षा आंशिक सुधार है। हालांकि अब भी घबराहट व डर उसमें बना हुआ है, लेकिन दौरे पडऩे जैसी स्थिति में हल्का सुधार हुआ है। उसे भोजन देने के प्रयास किए जा रहे हैं। शावक की जांच करवाई जा रही है। गौरतलब है कि 3 अगस्त को मिले बाघिन एमटी-2 के शव के बाद घायल अवस्था में मिले एक शावक को मंगलवार को इलाज व देखभाल के लिए चिडिय़ाघर में लाया गया था। उसके कान में चोट बताई जा रही थी व यह घबराया हुआ था। मंगलवार को उसे ड्रिप चढ़ाई गई, ड्रिप के जरिए आहार दिया गया था।

Jaggo Singh Dhaker
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