शरद पूर्णिमा पर चन्द्र किरणों से बरसेगा अमृत

कोटा. शरद पूर्णिमा पर चन्द्र किरणों से अमृत बरसेगा लेकिन इस वर्ष विशेष आयोजन नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए कहीं कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है, कहीं संक्षिप्त में कार्यक्रम होंगें।

 

By: Hemant Sharma

Updated: 28 Oct 2020, 09:58 PM IST

कोटा. शरद पूर्णिमा पर चन्द्र किरणों से अमृत बरसेगा लेकिन इस वर्ष विशेष आयोजन नहीं होंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए कहीं कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है, कहीं संक्षिप्त में कार्यक्रम होंगें।

सब्जीमंडी क्षेत्र स्थित गीता भवन में इस वर्ष पूर्णिमा के आयोजन स्थगित कर दिए गए हैं।आश्रम समिति के अध्यक्ष गोवर्धन खंडेलवाल ने बताया कि कोरोना के कारण इस वर्ष न तो विशेष झांकी सजाई जाएगी न ही औषधी युक्त खीर के प्रसाद का वितरण किया जाएगा। भजनों का आनंद ऑनलाइनरंगबाड़ी रोड़ स्थित बांके बिहारी मंदिर में शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया जाएगा, लेकिन कोरोना की गाइडलाइन की पालना करते हुए आयोजन होंगे।

मंदिर समिति की ओर से राजेन्द्र खंडेलवाल ने बताय कि 30 को शाम 5.30 से 11 बजे तक ठाकुरजी के फूल बंगले में दर्शन करवाए जाएंगे। ठाकुरजी मुकुट व बांसुरी धारण करेंगे। कोरोना की गाइडलाइन के अनुसार भगवान के दर्शन करवाए जाएंगे। श्रद्धालु ऑनलाइन भजनों का आनंद ले सकेंगे।

सिर्फ पांच किलो की खीर

तलवंडी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में 30 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। ठाकुरजी का धवल वस्त्रों में रत्नजडि़त शृंगार किया जाएगा। मंदिर समिति की ओर से रवि अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष भजन संध्या का आयोजन नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं को शृंगार के दर्शन बाहर से ही करवाए जाएंगे। हमेशा 100 किलो दूध की खीर का भोग लगाया जाता है, इस बार मात्र 5 किलो दूध से बनी खीर का भोग लगाया जाएगा।

सजेगा दरबार, भजनों की बयार नहीं

सालासर सेवा समिति के तत्वावधान में हर वर्ष की तरह भजन संख्या नहीं होगी, लेकिन टीलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पूर्णिमा पर 31 अक्टूबर को बाबा का दरबार सजाया जाएगा व अखंड ज्योत जलाई जाएगी। संस्थापक अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि भजन संख्या के स्थान पर सीमित संख्या में सामान्य रूप से सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा।

पूर्णिमा दो दिन

पूर्णिमा भी दो दिन रहेगी। खीण्या वाले ज्योतिषाचार्य शिव प्रकाश दाधीच के अनुसार 30 अक्टूबर को शाम को 5.49 बजे पूर्णिमा तिथि लग जाएगी, जो 31 को रात 8.20 बजे तक रहेगी। 30 अक्टूबर को मध्यरात्रि में अश्विन शुक्ल पूर्णिमा तिथि रहने से कई लोग 30 तो कई लोग उदियात के आधार पर 31 को पूर्णिमा मनाएंगे।

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