अब कोटा-चित्तौड़ खंड में रेलचालकों को आसानी से दिखेंगे सिग्नल

मांडलगढ़ स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य प्रणाली चालू

 

कोटा. कोटा-चित्तौडगढ़़ रेलखण्ड के मांडलगढ़ स्टेशन पर बरसों पुरानी सिग्नल प्रणाली जो यांत्रिक इंटरलॉकिंग थी उसे अब आधुनिक सिग्नल प्रणाली में बदल दिया है। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग स्थापित होने के बाद अब टे्रकसर्किट के स्थान पर मल्टी सेक्शन डिजिटल एक्सल कांउटर लगाया गया है। इसके कारण टे्रकसर्किट रखरखाव पर होने वाला व्यय बंद हो गया है। ग्लूड ज्वांइट व रेल ज्वांइट इंसुलेशन की आवश्यकता भी अब नहीं रही। इससे रेलवे को एक करोड़ की बचत होगी।

कोटा में सफाई और कचरा प्रबंधन में बड़े बदलाव की तैयारी

में निगम , इंदौर पैटर्न पर होगा काम

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विजय प्रकाश ने बताया कि मंडल में बस्सी बेरिसाल, पारसोली, बरूंधनी और मांडलगढ़ सहित दो लेवल क्रॉसिंग गेट नम्बर 96 एवं 102 पर इस उन्नत तकनीकी प्रणाली को इन्स्टॉल करने की कार्ययोजना बनाई गई थी। इसमें से 15 अक्टूबर को बस्सी बेरिसाल में प्रणाली ने पूर्व में ही काम करना शुरू कर दिया था। अब कोटा मंडल के मांडलगढ़ में भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से काम शुरू हो गया है। कलर लाइट एलईडी सिग्नल होने के कारण लोको पायलटों के लिए सिग्नल की दृश्यता बढ़ गई है। पहले सिग्नल देने का कार्य स्टेशन मास्टर के निर्देशानुसार केबिन के लीवरमैन द्वारा किया जाता था। अब स्टेशन मास्टर कंम्प्यूटर के माध्यम से सिग्नल देते हैं।

Jaggo Chand Singh
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned