#ShuddhKaYuddh कोटा के उद्यमियों का एयरपोर्ट व शहर को लेकर फूटा गुस्सा... देेखिए क्या बोला....

#ShuddhKaYuddh कोटा के उद्यमियों का एयरपोर्ट व शहर को लेकर फूटा गुस्सा... देेखिए क्या बोला....

Shailendra Tiwari | Publish: Nov, 10 2018 05:33:09 PM (IST) | Updated: Nov, 10 2018 07:37:01 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

राजस्थान पत्रिका के विधानसभा चुनाव के जन एजेण्डा-2018 के तहत हुए कार्यक्रम में शहर के प्रमुख उद्यमियों और प्रबुद्धजनों ने रखी अपनी बात

कोटा. कोटा का स्मार्ट सिटी में चयन हुए दो साल हो गए, लेकिन शहर में अभी तक स्मार्ट सिटी की परिकल्पना साकार होती नजर नहीं आ रही। विकास के दृष्टिकोण में स्मार्ट नजरिया देखने को नहीं मिला है। शहर का सुनियोजित विकास होना चाहिए। इसमें सड़कें अतिक्रमण से मुक्त हों और न आवारा मवेशी नजर आए। औद्योगिक विकास के लिए ठोस योजना बनाने की जरूरत है। कोटा स्टोन कोटा की पहचान है, इसलिए इस उद्योग को सम्बल देने के लिए सरकार को विशेष पैकेज घोषित करना चाहिए। कोटा से नियमित हवाई सेवा चले और नया हवाई अड्डा प्राथमिकता से बनना चाहिए।

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राजस्थान पत्रिका के विधानसभा चुनाव के जन एजेण्डा-2018 के तहत सोमवार को झालावाड़ रोड स्थित पुरुषार्थ भवन में आयोजित कार्यक्रम में शहर के प्रमुख उद्यमियों और प्रबुद्धजनों ने यह विचार व्यक्त किए। इसमें एसएसआई एसोसिएशन और कोटा व्यापार महासंघ के पदाधिकारियों की भागीदारी रही।


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यह है कोटा का एजेण्डा

  • ठ्कोटा में नए उद्योग लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने चाहिए।
  • कोटा में नियमित हवाई सेवा शुरू हो और नया एयरपोर्ट समयबद्धता से बनाने की घोषणा हो।
  • भू-रूपांतरण के नियमों का सरलीकरण होना चाहिए। क्रियान्विति में पक्षपात नहीं हो।
  • उद्योगों के लिए रॉ वाटर उपलब्ध नहीं है। औद्योगिक क्षेत्र में जलापूर्ति के बंदोबस्त हो।
  • शहर का सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने की जरूरत है।
  • हाड़ौती को पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाए, मुकुंदरा में बाघ लाने के प्रयास तेज हों।
  • डकनिया स्टेशन को सिटी स्टेशन के रूप में विकसित करने की जरूरत है।
  • शहर में जाम लगना बड़ी समस्या बन गई है। इसलिए नया ट्रैफिक प्लान बनाने की जरूरत है।
  • विकास योजना की क्रियान्वित से पहले शहर के एक्सपर्ट का पैनल बनाकर चर्चा होनी चाहिए।
  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहर में चौबीस घण्टे जलापूर्ति के लिए 154 करोड़ की योजना बनी है, इसकी क्रियान्वित हो।
  • मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रदेश में भी भावांतर योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिन्सों की खरीद की व्यवस्था लागू हो।
  • सरकार 2018-23 के विजन में कोटा में एक वृहद उद्योग की स्थापना के प्रयास करे।
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ऑनलाइन मार्केटिंग से खुदरा कारोबार प्रभावित हो रहा है। ऑनलाइन बिजनेस पर एक्साइज ड्यूटी लागू की जाए।
शहर में ट्रेडवाइज मार्केट विकसित किए जाने चाहिए। इसकी पिछली सरकार में योजना भी बनी थी, उसका क्रियान्वयन हो।
चुनाव सुधार की दिशा में प्रयास हो, जनप्रतिनिधि चयन के लिए प्रवेश परीक्षा होनी चाहिए।
विधानसभा चुनाव में भी स्नातक पास की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में स्टेशन पर स्मार्ट मिटिंग प्वॉइंट बनाए जाने चाहिए।
साबरमती की तर्ज पर चम्बल के भी अप और डाउन स्ट्रीम के विकास की योजना बने।
जाम के कारण कई बार ट्रेनें छूट जाती हैं। अलग से एप्रोच रोड बने।
चौराहों पर यातायात के दबाव के मद्देनजर सर्किल को छोटा किया जाए और ट्रैफिक लाइटें लगाई जाए।

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