उद्योगों के लिए रियायतों की पोटली खोली, निवेशक ठिठके

कोरोना संकट से उबारने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार ने दी कई रियायतें

By: Ranjeet singh solanki

Published: 05 Sep 2020, 05:00 PM IST

कोटा. कोरोना संकट से हाड़ौती और प्रदेश के उद्योगों को पटरी पर लाने और नए निवेशकों को आकर्षित करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार ने कई रियायतें देने की घोषणा की है, लेकिन निवेशक नए निवेश से पीछे हट रहे हैं। उद्यमियों के सामने उद्योगों का संचालन करना ही मुश्किल हो गया है। सप्लाई चैन टूटने के कारण अनलॉक होने के बाद भी उद्योग पटरी पर नहीं आ रहे हैं। रीको और उद्योग विभाग की ओर से उद्योगों के लिए जमीन आवंटन से लेकर स्टाम्प ड्यूटी, लीज राशि जमा कराने, अनुदान, ऋण सुविधा उपलब्ध कराने जैसी सभी सुविधाएं देने के अलग-अलग पैकेज घोषित किए हैं। इसके बावजूद उद्यमियों ने रुचि नहीं दिखाई है, जबकि कोटा में कृषि आधारित उद्योगों की विपुल संभावनाएं हैं। रॉ-मेटेरियल की भरपूर उपलब्धता है। कोटा में रीको से पंजीकृत इकाइयों की संख्या दो हजार के करीब है। उद्यमियों का कहना है कि उद्योग तीन तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्किल्ड लेबर, बाजार में काम कम तथा कार्यशील पूंजी। जब तक तीनों पूरी तरह पटरी पर नहीं आएंगे उद्योगों का सुचारू संचालन मुश्किल है। लॉकडाउन में उद्योग बंद रहे, लेकिन सभी तरह के खर्चे व जीएसटी, बिजली सहित अन्य चार्ज अब वसूल किए जा रहे हैं। लघु उद्योग कॉउन्सिल के अध्यक्ष एलसी बाहेती का कहना है कि सरकार को नए निवेशकों को प्रोत्साहित करने से ज्यादा जो उद्योग संचालित है, उन पर ध्यान के्रन्दित करने की जरूरत है। लघु उद्योग सुचारू नहीं चलेंगे तो अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं आएगी। इस क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा रोजगार सृजन होता है। उधर, रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक एस.के. गर्ग का कहना है कि रीको की ओर उद्यमियों को कई रियायतें दी है। इसके अच्छे परिणाम भी धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। कोटा में फ्लाइऐश से उत्पाद बनाने के लिए निवेशक आगे आए हैं।

ये सहूलियतें दी

कोटा व प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निवेश हो और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें, इसके लिए सरकार बहुत ही प्रगतिशील दृष्टिकोण के साथ प्रदेश में निवेश अनुकूल माहौल उपलब्ध करा रही है। निवेशकों के लिए राजस्थान इनवेस्टमेंट प्रोमोशन स्कीम (रिप्स) 2019 के माध्यम से कई रियायतें और सहूलियतें दी गई हैं, जिसमें गत स्कीम के बजाय कई अतिरिक्त लाभ दिए गए हैं। साथ ही, नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वन स्टॉप शॉप सिस्टम शुरू किया गया है।

निवेशक चाहते हैं

रीको और उद्योग विभाग ने निवेशकों से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव जाने हैं, इसमें सामने आया कि निवेशक प्रतिनिधियों ने उचित दर पर भूमि उपलब्ध कराने सहित बिजली, पानी एवं सड़क जैसी आधारभूत संरचनाएं विकसित करने की मांग रखी। साथ ही सिक्यूरिटी डिपोजिट, सब लीज रेंट, प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन चार्जेज, स्टेट जीएसटी, ब्याज सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी, इलेक्ट्रिक ड्यूटी में छूट देने सहित रिप्स.2019 के समुचित लाभ देने का आग्रह किया।

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