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Watch: मातम में बदली राखी की खुशियां, भड़का प्रताप में डूबे दो भाइयों की दर्दनाक मौत, बहनों की चित्कार से कांप उठा कलेजा
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Watch: मातम में बदली राखी की खुशियां, भड़का प्रताप में डूबे दो भाइयों की दर्दनाक मौत, बहनों की चित्कार से कांप उठा कलेजा

Raksha Bandhan, Two brothers died: भाई-बहन के अटूट प्रेम बंधन का पर्व रक्षा बंधन से पहले शहर के निकटवर्ती चौकी बोरदा गांव में मातम पसरा रहा।
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कोटा

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Zuber Khan

•

Aug 15, 2019

बारां. भाई-बहन के अटूट प्रेम बंधन का पर्व रक्षा बंधन से पहले शहर के निकटवर्ती चौकी बोरदा गांव में मातम पसरा रहा। इस गांव के दो युवक राखी मनाने से पहले ही काल के गाल में समा गए। दोनों मृतक मुकेश मीणा व हरीश मीणा चचेरे भाई है। वे 12 अगस्त की शाम भंवरगढ़ कस्बे के समीप भड़का जल प्रपात पर पिकनिक मनाने गए थे, लेकिन राखी के पावन पर्व से पहले ही दोनों युवक उनकी बहनों का साथ छोड़ गए। बहनें घर पर भाइयों का इंतजार करती रह गई। जब भाईयों के शव पहुंचे तो क्रंदन गूंज उठा।

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मातम में बदली त्योहारी खुशी
मृतक हरीश मीणा के मौसेरे भाई नरेश मीणा ने बताया कि हरीश की इकलौती सगी बहन सीमा भी प्रतापगढ़ से उसके पति दीपक के साथ पीहर में भाई हरीश व दिनेश के साथ राखी का त्योहार मनाने गांव आई थी।

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परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन राखी से एक दिन पहले 14 अगस्त को हरीश का शव घर पहुंचा तो बहन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
उसे क्या मालूम था कि जिस भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए वह आई थी, उसी भाई की अंतिम विदाई में शामिल होना पड़ेगा। हादसे के समय सांगोद थाना क्षेत्र के पीतमपुरा गांव निवासी उसके जीजा दीपक भी उसके साथ थे। उन्होंने भी मृतक को सावधानी बरतने के लिए आगाह किया था।

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सुनते ही पहुंची बहनें
मृतक मुकेश की दो बहने संजू व मंजू है, दोनों ससुराल से यहां गांव में रक्षा बंधन का त्योहार मनाने आती हैं। दोनों बहने छोटे भाई मुकेश व बड़े भाई रामस्वरूप की कलाइयों पर राखी बांधती थी। 12 अगस्त को बहनों का भाई के साथ हुए हादसे की सूचना मिली तो उनसे रहा नहीं गया। वह उसी रात ससुराल से गांव पहुंच गई तथा भाई की सलामती की प्रार्थना करती रही। रेस्क्यू टीम ने 13 अगस्त को मुकेश का शव निकाला और इसकी सूचना घर पहुंची तो बहने सुधबुध खो बैठी।

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सिर से उठा पिता का साया
मृतक मुकेश व हरीश दोनों शादी शुदा थे। मुकेश के एक पुत्र व एक पुत्री है तथा हरीश के दो पुत्र व एक बेटी है। इस हादसे से दोनों के बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया तो उनकी मां को यह दुखद हादसा जीवन भर का दर्द दे गया। मुकेश के बड़े भाई की पत्नी की कुछ दिनों पहले मृत्यु हो जाने से बड़ा भाई अक्सर सदमे में रहता है। इससे मुकेश अकेला ही परिवार में मुखिया के तौर पर था।। वह बड़े भाई के साथ खेतीव मजदूरी करता था।