भगवान जगन्नाथ से कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना

कोटा शहर में रथयात्रा महोत्सव मनाया गया। कोरोना संक्रमण के कारण सरकार की गाइडलाइन के तहत श्रीपुरा व रामपुरा में प्रतीकात्मक रूप से रथयात्रा महोत्सव मनाया ग

By: Hemant Sharma

Updated: 24 Jun 2020, 02:53 PM IST


प्रतीकात्मक रूप से मनाया रथयात्रा महोत्सव

कोटा.शहर में रथयात्रा महोत्सव मनाया गया। कोरोना संक्रमण के कारण सरकार की गाइडलाइन के तहत श्रीपुरा व रामपुरा में प्रतीकात्मक रूप से रथयात्रा महोत्सव मनाया गया। भगवान का विशेष शृंगार कर रथ में विराजमान किया। पूजा अर्चना कर भोग लगाया व कोरोना से मुक्ति व सुख समृद्धि की प्रार्थना की गई। आयोजनों के दौराना कोरोना का असर नजर आया। उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। मंदिरों में उपस्थित सदस्यों ने भी सैनेटाइज व सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा।

श्रीपुरा जगदीश मंदिर से पिछले १६ वर्षों से हर वर्ष रथयात्रा निकाली जाती है। कोरोना के कारण इस वर्ष प्रतीकात्मक रूप से मंदिर परिसर में ही रथयात्रा निकाली। इस मौके पर भगवान भगवान जगन्नाथ, बलदाऊ व सुभद्रा को सजीले रथ में विराजमान किया गया व सोशल डिस्टेंसिंग के बीच पारीक समाज के अध्यक्ष रवि प्रकाश पारीक,गणमान्य जलज व्यास सहित समाज के प्रमुख व्यक्तियों द्वारा ही मंदिर परिसर में प्रवेश कर पूजा अर्चना कर आरती उतारी गई।


दिए गए विशेष निर्देश

आरती बाद स्थानीय मंदिर के बाहर से ही दर्शन की व्यवथा की गई। लोगों ने बाहर से ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। मंदिर परिसर को विद्युत सजावट व फूल-मालाओं से कर आकर्षक रूप से सजाया गया था। इससे पहले मंदिर परिसर को सैनेटाइगज किया गया। पदाधिकारियों को मंदिर परिसर में प्रवेश पूर्ण साबुन से हाथ धोकर मुंह पर मास्क लगाकर सेनिटाइजर का प्रयोग कर निर्धारित दूरी बनाकर आरती में सम्मलित होने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के समापन पर भगवान जगन्नाथ से कोरोना मुक्ति की प्रार्थना की गई।

हर वर्ष धूमधाम से निकलती है यात्रा


महामंत्री रासबिहारी पारीक ने बताया कि रथयात्रा महोत्सव के तहत हर वर्ष भगवान के स्वरूप की झांकियां, घुड़सवार, ऊंट गाडिय़ों, भजन मंडलियों व बैंड बाजों के साथ क्षेत्र के प्रमुख मार्गों से होते हुए रथयात्रा निकाली जाती है। श्रद्धालु स्वयं भगवान जगन्नाथ का रथ खींचते हैं।

रामपुरा में भी आयोजन

रामपुरा स्थित जगदीश मंदिर में भी रथयात्रा महोत्सव मनाया। भगवान जगन्नाथ को रथ में विराजमान किया। विशेष शृंगार किया गया। विभिन्न प्रकार के भोग लगाए गए। आरती कर सुख समृद्धि की कामना की गई। कोरोना संक्रमण व सरकार की गाइडलाइन के अनुसार श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया। इससे पहले रथयात्रा से पहले नेत्रोलोचन उत्सव मनाया व हवन किया।

Hemant Sharma
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