तालेमेल की कमी से सेम्पलिंग में पिछड़ा कोटा

कोटा पिछले अप्रेल माह में कोरोना संक्रमण बढऩे से रेड जोन में आ गया। लेकिन जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने यहां सेम्पलिंग बढ़ाने पर जोर नहीं दिया। अधिकारियों में तालमेल की कमी से कोटा में अब तक सेम्पलिंग का कार्य 10 हजार भी पार नहीं हुआ।

By: Habulal Prakash Sharma

Updated: 10 May 2020, 08:39 AM IST

कोटा. मुख्यमंत्री के गृह जिला जोधपुर में कोरोना संक्रमण बढ़ा तो वहां मरीजों को चिहिन्त करने के लिए सेम्पलिंग के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली। जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने जोधपुर को औरेंज जोन में लाने का काम तेजी से शुरू कर दिया। वहां 28 हजार 269 सेम्पलिंग हो चुकी, लेकिन कोटा पिछले अप्रेल माह में कोरोना संक्रमण बढऩे से रेड जोन में आ गया। लेकिन जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग ने यहां सेम्पलिंग बढ़ाने पर जोर नहीं दिया। अधिकारियों में तालमेल की कमी से कोटा में अब तक सेम्पलिंग का कार्य 10 हजार भी पार नहीं हुआ। सिर्फ 8416 सेम्पलिंग का कार्य हुआ। सेम्पलिंग का काम इसी रफ्तार से चला तो कोटा को ओरेंज जोन में आने में ही दो माह का समय लगेगा।

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ऐसे बढ़ रहा संक्रमण
कोटा में 6 अप्रेल को भीमगंजमंडी क्षेत्र के तेलघर में पहला पॉजिटिव मरीज सामने आया। इसके बाद 6 से 12 अप्रेल तक 40 पॉजिटिव व 1 की मौत हुई। 13 से 19 अप्रेल तक 60 पॉजिटिव आए और 20 से 26 अप्रेल तक 58 प्रॉजिटिव मरीज व तीन मरीज की मौत हुई। 27 अप्रेल से 3 मई तक 51 पॉजिटिव मरीज व 2 मरीज की मौत हुई. 3 से 7 मई तक 35 पॉजिटिव मरीज सामने आ चुके है। कोटा में कुल 231 संक्रमित मरीज सामने आ चुके है। इसमें से 10 पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है। कोटा जिले के आंकड़े देखे तो औसत 7 मरीज प्रतिदिन वायरस से संक्रमित हुआ। जबकि शुरूआत के पहले सात दिन में इस वायरस ने 40 लोगों को संक्रमित किया था। उसके बाद से ही प्रति सप्ताह ये आंकड़ा 50 लोगों के संक्रमित होने तक पहुंच गया।

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