जयपुर जा रहे थे आधे रास्ते से लौटकर किया प्लाज्मा किया डोनेट

प्लाज्मा डोनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कई लोग आगे होकर प्लाज्मा डोनेशन के लिए एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंच रहे हैं। अब तक करीब 58 रोगियों को प्लाज्मा थैरेपी दी जा चुकी है।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 25 Aug 2020, 10:11 PM IST

कोटा. प्लाज्मा डोनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। कई लोग आगे होकर प्लाज्मा डोनेशन के लिए एमबीएस अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंच रहे हैं। अब तक कोटा में करीब 58 लोगों को प्लाज्मा थैरेपी दी जा चुकी है। मंगलवार को तीन परिवारों के तीन सदस्यों ने तीन लोगों की जिंदगी बचाने के लिए प्लाज्मा डोनेट किया। छावनी निवासी हरिओम शर्मा किसी कार्य से सोमवार रात जयपुर के लिए रवाना हुए और 150 किमी पहुंच चुके थे, लेकिन जब किसी की जिंदगी बचाने की बात सामने आई तो यात्रा निरस्त कर वापस कोटा आए और सुबह जल्दी प्लाज्मा डोनेशन किया। वहीं दूसरे डोनर के रूप में पवन कुमार रेलवे में कार्यरत हैं। वहीं तीसरे डोनर के रूप में छावनी निवासी पेंटिंग का कार्य करने वाले वीरेंद्र सिंह सिसोदिया ने प्लाज्मा डोनेट किया। लायंस क्लब कोटा टेक्नो की अध्यक्ष निधि गुप्ता, पुलिस निरीक्षक नीरज गुप्ता, भुवनेश गुप्ता और अन्य प्रतिनिधियों ने डोनकर उत्साह बढ़ाया। विधायक संदीप शर्मा, हाड़ौती विकास मोर्चा और टीम जीवनदाता के कार्यकर्ता प्रशासन और मेडिकल कॉलेज की पहल पर चल रहे प्लाज्मा डोनेशन अभियान से जुड़े हैं। मेडिकल कॉलेज के नियंत्रक एवं प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने भी अपील की है कि कोरोना से जंग जीत चुके लोग प्लाज्मा डोनेट करके कोरोना से संक्रमित गंभीर रोगियों का जीवन बचाने में मदद करें। उन्होंने कोरोना से जंग जीतने वालों से अपील करते हुए कहा कि प्लाज्मा डोनेशन एक सरल प्रक्रिया है। इसमें किसी तरह की कमजोरी नहीं होती, मात्र 40 मिनट में ही डोनर प्लाज्मा डोनेशन कर सकता है। कुछ ही दिन में उसके शरीर में प्लाज्मा की पूर्ति हो जाती है और वह 15 दिन में फिर से प्लाज्मा डोनेशन कर सकता है।

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