SCAM : अब किसानों के नाम पर हुआ बड़ा खेल, दो बार बांट दिया लाखों का मुआवजा

SCAM : अब किसानों के नाम पर हुआ बड़ा खेल, दो बार बांट दिया लाखों का मुआवजा

Rajesh Tripathi | Publish: May, 16 2019 07:00:54 PM (IST) Kota, Kota, Rajasthan, India

आंखें मूंदकर 4500 किसानों को बांट दिया दोहरा मुआवजा

 

कोटा। प्राकृतिक आपदा में किसानों को फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए आंदोलन करना पड़ता है और धरने-प्रदर्शन करने पड़ते हैं, फिर भी लालफीताशाही की ओर से कानूनी अड़चने लगाने के कारण मुआवजा नहीं मिल पाता है, वहीं जिले की एक सहकारी समिति के प्रशासन ने किसानों को दिल खोलकर मुआवजा बांट दिया। मुआवजा बांटने में ऐसा खेल किया कि किसानों की जेबें कर दी गई। इस खेल में सरकार को करीब 70 लाख रुपए की चपत लगा दी है। अब यह राशि सहकारी समिति को लोन लेकर सरकार को चुकानी पड़ रही है।

सूत्रों ने बताया कि कोटा जिले की गण्ेाशगंज ग्राम सेवा सहकारी समिति को राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2015 में ओलावृष्टि में फसलों को हुए भारी खराबे की करीब चार करोड़ की मुआवजा राशि प्राप्त हुई थी। समिति के व्यवस्थापक 4500 किसानों को करीब 70 लाख रुपए की दो बार मुआवजा राशि बांट दी है। बाद में मामला सरकार तक पहुंचने पर रिकवरी निकाली गई। इस पर समिति ने कोटा केन्द्रीय सहकारी बैंक से 36 लाख रुपए का लोन लेकर सरकार को वापस लौटा दिए हैं। दोहरा मुआवजा बांटने के मामले की परतें खोलने के लिए सहकारिता विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच कोटा सीसीबी के सहायक अधिशासी अधिकारी राजेन्द्र चौहला को सौंपी है। उन्होंने रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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ऐसे बांट दिया दो बार मुआवजा
वर्ष 2015 में हाड़ौती में हुई ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। खराबे का न्यूनतम मुआवजा 750 रुपए तथा अधिकत 9000 रुपए बांटा तय हुआ था। इसके आधार पर ही पीडि़त किसानों की मुआवजा राशि स्वीकृत हुई थी और सहकारी समितियों की सूची के आधार पर किसानों को मुआवजा बांट दिया गया। खराबे को लेकर राजनीति गरमाने पर तत्कालीन भाजपा सरकार ने मुआवजा की राशि बढ़ाकर न्यूनतम एक हजार रुपए तथा अधिकतम 27000 हजार रुपए कर दिया था। समिति ने 4500 किसानों को दो बार मुआवजा राशि दो बार मुआवजा बांट दिया है। पहली बार भुगतान व्यवस्थापक भंवरलाल के समय हुआ तथा बाद में समिति का चार्ज ऋण पर्यवेक्षक पन्नालाल के समय हुआ। दोनों नहीं बिना जांच के लिए भुगतार कर दिया है। यह भुगतान अब गले की फांस बन गया है।--गरमाई थी राजनीतिहाड़ौती में वर्ष 2015 में जबर्दस्त ओलावृष्टि हुई थी। इसमें कोटा और बूंदी जिले में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी। यह मामला दिल्ली तक गूंजा था। इसके बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी कोटा दौरे पर आई थी। इसके बाद केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने ओलावृष्टि के खराबे का हवाई सर्वेक्षण कर गांवों में जाकर किसानों की पीड़ा जानी थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोटा सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष 2015 की ओलावृष्टि का जिक्र किया था

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