सिर्फ पैसे के पीछे भागते हैं आबकारी अफसर, बीयर बार कहीं भी कैसे भी चलें इन्हें मतलब नहीं

हर साल बीयर बार का लाइसेंस रिन्यू करने वाले आबकारी विभाग को सिर्फ अपने रेवेन्यू से मतलब है, कायदे-कानून की पालना से नहीं।

By: Dhitendra Kumar

Published: 25 Apr 2018, 06:12 PM IST

कोटा . शराब का सुरूर सिर्फ पीने और पिलाने वाले पर ही नहीं चढ़ता जनाब, महकमा भी इसके तरन्नुम में ही रहता है। पैसा यहां भी बोलता है। और, आबकारी महकमे को सिर्फ और सिर्फ इसी पैसे से मतलब है, भले ही किसी की जान चली जाए।
बानगी देखिये, धानमंडी में बीयर बार एंड होटल धराशाही होने से दो जनों की मौत के बाद भले ही नगर विकास न्यास बीयर बार व होटल के निर्माण से संबंधित फ ाइलें झाड़ रहा है, नगर निगम प्रशासन जर्जर भवनों का सर्वे कर इन्हें सीज करने की बात कह रहा है, पूरा प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा, लेकिन आबकारी महकमा, जिसकी 'दुकानÓ में यह हादसा हुआ वह अब भी बेफिक्र है।


हर साल बीयर बार का लाइसेंस रिन्यू करने वाले आबकारी विभाग को सिर्फ अपने रेवेन्यू से मतलब है, कायदे-कानून की पालना से नहीं। सूत्रों के मुताबिक धानमंडी में वर्षों से जर्जर भवन में बीयर बार चलता रहा और विभाग इसके लाइसेंस का रिन्यू करता रहा लेकिन कभी इस बिल्डिंग का निरीक्षण नहीं किया। गौरतलब है कि हादसे के बाद प्रशासनिक जांच में यह भवन बिना कॉलम के बनने के कारण कमजोर होना पाया गया है।


करते हैं खानापूर्ति
बीयर बार के लिए आबकारी विभाग की ओर से जांच में मात्र खानापूर्ति की जा रही है। साल दर साल मात्र लाइसेंस को रिन्यू कर दिया जाता है, जांच के नाम पर कुछ नहीं किया जाता। खुद विभागीय अधिकारी भी स्वीकार कर रहे कि वे लाइसेंस रिन्युअल के वक्त संचालक पर केस न होने की जानकारी लेते हैं, भवन निरीक्षण नहीं करते।
रेवेन्यू पर ही ध्यान
शहर में एक दर्जन से अधिक होटल बार संचालित हैं। इनमें से कई बार को सालों से आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंस दिया हुआ। लेकिन, विभाग इन बार के भवनों की जांच तक नहीं करता। सिर्फ अपनी फीस जमा कर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

 

कायदा कहता है कि...
लाइसेंस रिन्यू करते समय आबकारी अधिकारियों को जिस जगह में बीयर बार का लाइसेंस रिन्यू करना है। वहां पूरी जांच करनी होती है। इसमें बिल्डिंग की स्थिति, अग्निशमन वाहनों को आने-जाने में सुगमता की जांच की जाती है। साथ ही अन्य किसी भी तरह से यहां आने वाले लोगों की सुरक्षा आदि की जांच की जाती है।

 

यह कहते हैं अधिकारी
जिला आबकारी अधिकारी शंभूदयाल मीणा खुद कहते हैं कि बार लाइसेंस रिन्यू करते समय संचालक के उपर कोई केस तो दर्ज नहीं है, इसकी जानकारी ली जाती है। विभाग भवन के बारे में कोई जांच नहीं करता।
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Dhitendra Kumar Desk
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