18 जनवरी से खुलेंगे स्कू  ल: दुविधा में अभिभावक. नौकरी करेंगे या बच्चों को छोडऩे जाएंगे

कोरोना काल के बाद राज्य सरकार ने दस माह बाद 18 जनवरी से प्रदेश के 9वीं से 12वीं तक के सभी स्कू  लों को खोलने के लिए आदेशित कर दिया है। स्कू  ल खुलने से पहले कई अभिभावक दुविधा में फंस गए। स्कू  लों ने अभिभावकों को मैसेज जारी किए कि अभिभावकों को खुद ही अपने वाहनों से बच्चों को स्कू  ल छोडऩे आना होगा।

By: Abhishek Gupta

Published: 12 Jan 2021, 01:30 PM IST

शनिवार को नो बैग डे रोका

कोटा. कोरोना काल के बाद राज्य सरकार ने दस माह बाद 18 जनवरी से प्रदेश के 9वीं से 12वीं तक के सभी स्कू  लों को खोलने के लिए आदेशित कर दिया है। स्कू  ल खुलने से पहले कई अभिभावक दुविधा में फंस गए। स्कू  लों ने अभिभावकों को मैसेज जारी किए कि अभिभावकों को खुद ही अपने वाहनों से बच्चों को स्कू  ल छोडऩे आना होगा। ऐसे में इस दुविधा में फंस गए कि वे नौकरी करने जाएंगे या बच्चों को स्कू  ल छोडऩे जाएंगे।

दरअसल, स्कू  ल में सुबह 10वीं व 12वीं कक्षा का समय सुबह 9.30 बजे रहेगा। जबकि 9वीं व 11वीं का समय सुबह 10 बजे रहेगा। सरकार की जारी गाइड लाइन के अनुसार, स्कू  ल की बाल वाहिनी या अन्य वाहन के उपयोग करने पर बच्चे का सीट एलॉटमेंट होगा। बच्चा उसी सीट पर बैठकर आएगा व जाएगा, जिस सीट का उसे एलॉटमेंट किया गया। रुट भी तय किया जाएगा। वाहन में ही बच्चों की सूचना भी चस्पा की जाएगी। यहीं सूचना स्कू  ल बोर्ड पर भी चस्पा होगी।

ऐसे में शहर के अधिकांश स्कू  लों के पास खुद के वाहन नहीं है। ज्यादातर स्कू  लों में बाहर का ट्रांसपोर्ट जैसे वैन, ऑटो का ही उपयोग किया जाता है। सरकार ने गाइड लाइन में यह तर्क दिया है कि यदि कोई बच्चा पॉजिटिव होता है तो उसके इलाज खर्च की जिम्मेदारी स्कू  ल प्रशासन की रहेगी। ऐसे में कोई स्कू  ल जोखिम नहीं उठाना चाहता है। इस कारण स्कू  लों ने बच्चों को अपने साधन से या अभिभावकों के साथ ही आने के लिए मैसेज जारी किए है।

नो बैग डे नहीं रहेगा

सहोदय स्कू  ल कॉम्पलेक्स के अध्यक्ष प्रदीप सिंह गौड़ ने बताया कि स्कू  लों में हर शनिवार को नो बैग डे घोषित कर रखा था, लेकिन अब ये नहीं रहेगा। अब शनिवार को भी स्कू  ल खुलेंगे और पढ़ाई होगी। क्योंकि सीबीएसई की 1 मार्च से प्रेक्टिकल की परीक्षाएं होने वाली है। इस कारण फिलहाल इसे रोक दिया गया।

इनका यह कहना

- कोरोना काल में स्कू  ल खुल रहे है। इस कारण सभी स्कू  लों को गाइड लाइन का फोलो करना है। बच्चों की सुरक्षा दृष्टि से अभिभावक बच्चों को स्कू  ल छोडऩे आते है तो बेहतर होगा। इससे बच्चे सुरक्षित रहेंगे। सरकार ने स्कू  ल में बच्चों के पॉजिटिव आने के बाद इलाज के खर्च की जिम्मेदारी स्कू  लों पर डाली है। यह गलत है। इसका हम विरोध करेंगे।

- संजय शर्मा, महासचिव, प्राइवेट स्कू  ल वेलफेयर सोसायटी

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