शक्ति की भक्ति का ऐसा छाया उल्लास कि दिनभर चलता रहा पूजा पाठ का दौर

कोटा. देवी की आराधना के विशेष शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू हो गए। इसी के साथ लोग शक्ति की भक्ति में जुटे नजर आए। लोगों ने घर व मंदिरों में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की। श्रद्धानुसार व्रत पूजन व उपवास रखे। पूजा अर्चना की देवी को फल, फूल नैवेद्य अर्पित किए । सुंदरकांड, रामचरित मानस, हनुमान व दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती इत्यादि पाठ कर सुख समृद्धि की कामना की।

By: Hemant Sharma

Published: 17 Oct 2020, 11:21 PM IST

कोटा. देवी की आराधना के विशेष शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरू हो गए। इसी के साथ लोग शक्ति की भक्ति में जुटे नजर आए। लोगों ने घर व मंदिरों में शुभ मुहूर्त में घट स्थापना की। श्रद्धानुसार व्रत पूजन व उपवास रखे। पूजा अर्चना की देवी को फल, फूल नैवेद्य अर्पित किए । सुंदरकांड, रामचरित मानस, हनुमान व दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती इत्यादि पाठ कर सुख समृद्धि की कामना की।

शहर में सुबह से ही नवरात्र का उल्लास छाया रहा। किसी ने सुबह, किसी ने दोपहर शुभ मुहूर्त देखकर घट स्थापना की। देर शाम तक शक्ति की भक्ति का दौर चला। इस दौरान जय अंबे गौरी..नमो नमो दुर्गे सुख करनी....नमो नमो अंबे दु:ख हरनी सरीखे सुर घर व मंदिरों में गूंजे।देवी की भक्ति का यह सिलसिला पूरे नौ दिन चलेगा फिर 25 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।

मंदिरों में उल्लास

शहर के प्रमुख देवी व अन्य मंदिरों में भी घट स्थापना की गई। इस मौके पर देवी का विशेष शृंगार किया। मंदिर जयकारोंं से गूंजे। हालांकि इस वर्ष कोरोना के असर के बीच कई विशेष आयोजन जो हर वर्ष किए जाते हैं, इस वर्ष नहीं हुए। लेकिन पूजा धर्मध्यान में किसी ने कोई कसर नहीं छोडी। लोग पूरे भक्ति भाव से देवी की आराधना में जुटे रहे। उम्मेदगंज क्षेत्र स्थित डाढ़ देवी माता मंदिर,दशहरा मैदान में आशापूरा माता, दादाबाड़ी स्थित ज्योति मंदिर, तलवंडी स्थित काली माता मंदिर, कुन्हाड़ी में बीजासन माता,रामतलाई स्थित जगत माता, गोदावरी धाम, धोकड़े के बालाजी, चांदमारी बालाजी व अन्य क्षेत्र में स्थित मंदिरों में घट स्थापना की गई। दिनभर दर्शनार्थियों का आना जाना लगा रहा।

कोरोना के खतरे को देखते हुए लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के बीच दर्शन किए। दादाबाड़ी स्थित ज्योति मंदिर मे प्रवेश से पहले सैनेटाइज करवाया गया। दाढ़ देवी माता मंदिर में इस वर्ष मेला नहीं भरा। बेरिगेट लगाकर श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए गए। देवस्थान विभाग की ओर से प्रबंधक राम सिंह व जितेन्द्र ओझा ने मंदिर की वयवस्थाओं को देखा। नांता क्षेत्र स्थित करनी माता देवी के पाठ किए गए। पुजारी सुरेश शर्मा ने बताया कि बेरिगेट्स लगाकर दर्शन करवाए गए।

तलवंडी के काली माता मंदिर में दिन भर देवी के पाठ चले। पंडितों ने सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए पाठ किए। रामतलाई स्थित जगत माता मंदिर में दर्शन के दौरान भीड़ एकत्रित नहीं होने दी गई। श्रद्धालुओं ने भी कोरोना के संक्रमण को देखते हुए एतिहात बरती। एक दूसरे से दूरी बनाकर दर्शन करते नजर आए। उन्होंने सैनेटाइज का उपयोग किया। मंदिरों मेंं पूर्व में ही नवरात्र की तैयारियां पूर्ण कर ली गईं थी।

गढ़ पैलेस में आशापूरा माता का पूजन

गढ़ पैलेस स्थित आशापुरा माता के प्राचीन मंदिर में भी घट स्थापना की गई। आशुतोष आचार्य ने बताया कि पूर्व राजपरिवार की कुलदेवी आशापूरा माता का पूजन कर हाड़ौती प्रदेश की खुशहाली व कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना की गई। पूर्व सांसद इज्येराज सिंह ने देवी की आरती की। बजरंग नगर स्थित नवदुर्गा मंदिर में देवी का शृंगार कर घट स्थापना की। किशोपुरा स्थित मुक्तिधाम पर काला कोट सरकार मंदिर में भोलेनाथ का शृंगार किया। मनोज लालवानी,मारुती शर्मा उपस्थित रहे। गोपाल शर्मा ने बताया कि नवमी पर विशेष शृंगार किया जाएगा।

लिए नौ संकल्प

करनी सेना सर्वसमाज के पदाधिकारियों ने करणी माता मंदिर परिसर में नारी सुरक्षा व कुरीतियों को समाप्त करने समेत 9 संकल्प लिए। कोटा संभाग अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह चौहान एवं कोटा महिला शक्ति प्रकोष्ठ मीडिया प्रभारी राज लक्ष्मी सिंह जाटव व अन्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ समेत अन्य संकल्प लिए।

बाजारों मेंं भी रौनक

नवरात्र की रौनक बाजारों में भी दिखाई दी। लोगों ने पूजा पाठ की सामग्री, देवी का शृंगार, माला तिलक इत्यादि की खरीदारी की। कई जगहों पर फुटकर दुकानों पर लोग खरीदारी करते दिखे। फल, फूल व मालाओं की दुकानों पर भी विशेष रौनक नजर आई।

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