सिंधी पंडितो की हो गई बल्ले बल्ले, सोलह संस्कार कराने वाले पंडितो की बढ़ाई दक्षिणा

सरकारी, गैर सरकारी नौकरियों में पगार, वेतन भत्ता बढ़ा हो या न बढ़ा हो, सिंधी समाज ने पंडितों की दक्षिणा में इजाफा कर नए साल का तोहफा दे दिया

कोटा. सरकारी, गैर सरकारी नौकरियों में पगार, वेतन भत्ता बढ़ा हो या न बढ़ा हो, सिंधी समाज ने पंडितों की दक्षिणा में इजाफा कर नए साल का तोहफा दे दिया है। अब समाज में विभिन्न संस्कारों को पूर्ण कराने वाले ज्योतिष, कर्मकांडी, आचार्य व पंडितों को पहले की अपेक्षा ज्यादा मेहनताना (दक्षिणा) मिलेगी। कार्य व इसमें लगने वाले समय के अनुसार कर्म की दक्षिणा में किसी में 5 तो किसी मेंं10 फीसदी, किसी में इससे अधिक की वृद्धि की है।

पंडितों की दक्षिणा में इजाफे का यह निर्णय हाल ही में हुई पूज्य ंसिंधी जनरल पंचायत की बैठक में लिया गया। पंचायत के पदाधिकारियों का मानना है विभिन्न अवसरों पर समाज की सेवा कर आशीर्वाद प्रदान करते हैं, इन्हें कार्य के अनुसार पारिश्रमिक देना धर्म है। विवाह आदि मेंं आचार्य के साथ आए पंडित को वर पक्ष 501 के स्थान पर 751 व कन्या पक्ष 251 के स्थान पर 401 रुपए भेंट स्वरूप देगा।

श्रद्धा के अनुसार ज्यादा व कम भेंट भी सहमति से की जा सकती है। पंचायत के पदाधिकारियों के अनुसार पगड़ी रस्म की अदायगी पर दी जाने वाली दक्षिणा में इजाफा नहीं किया गया है। अब भी इस कार्य के लिए 200 रुपए दिए जाएंगे। अंतिम संस्कार करवाने पर दी जाने वाली राशि 3100 से बढ़ाकर 4100 की गई है, वहीं गरुड़ पुराण बांचने से लेकर 12वें के भाग तक 2100 के स्थान पर 2500 रुपए दिए जाएंगे।


चार साल बाद वृद्धि
जनरल पंचायत संस्थान की कार्यकारिणी की बैठक शांति प्रकाश भवन गुमानपुरा कोटा में ओम आडवाणी की अध्यक्षता में हुई। इसी बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पुरुषोत्तम छाबडिय़ा, चंदन आहूजा, प्रकाश नथानी, बलरामदास वाणी, रमेश जेठमलानी, जगदीश मल घनी, रमेश मसंद, मेघराज पमनानी, शमशेर परनामी, वर्णन मल आदि उपस्थित रहे।

2016 में भेंट में वृद्धि की थी। राशि में वृद्धि करने के लिए प्रार्थना-पत्र आ रहे थे। महंगाई को देखते हुए दक्षिणा में वृद्धि की गई। भेंट निर्धारण के बाद कोई ज्यादा मांगने का दबाव बनाता है तो शिकायत भी सुनेंगे। शहर में समाज के सदस्यों की जनसंख्या करीब डेढ़ लाख है। इनमें आठ से नौ पंडित हैं।
ओम आडवानी, अध्यक्ष पूज्य सिंधी, जनरल पंचायत

किसमें कितनी वृद्धि
कार्य पहले अब
जन्मपत्रिका 351 451
नामकरण संस्कार 501 751
जन्म पत्रिका मिला 50 100
जनेऊ संस्कार 751 1100
विवाह मुहूर्त 350 501


विवाह संस्कार
वधु पक्ष
2500 से बढ़ाकर 3500
(तेल से शादी तक)
वर पक्ष
3500 से बढ़ाकर 4500
साठ शगुन, तेल रस्म यदि विवाह दूसरे शहर में हो
1100 से बढ़ाकर 1500
विदाई व बधाई 350 501
दीपावली पूजन 501 651
व्यवसाय मुहूर्त 501 1001
गृह प्रवेश 1100 1500
कथा, पाठ पूजा 351 501

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Suraksha Rajora Desk
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