एमबीएस अस्पताल में भाई को भर्ती करवाने के लिए आठ घंटे घूमती रही बहन

कोटा. एमबीएस अस्पताल में रविवार को एक बहन अपने भाई के इलाज के लिए भर्ती करवाने के लिए आठ घंटे तक घूमती रही, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 14 Jun 2020, 10:41 PM IST

कोटा. एमबीएस अस्पताल में रविवार को एक बहन अपने भाई के इलाज के लिए भर्ती करवाने के लिए आठ घंटे तक घूमती रही, लेकिन उसे भर्ती नहीं किया। बूंदी निवासी शातमा बानो ने बताया कि कोटा जिले के सुल्तानपुर निवासी अब्दुल सत्तार (45) मानसिक रुप से बीमार रहता है। पिछले कई दिनों से वह बूंदी में उनके पास ही रह रहा था। दो-तीन दिन पहले उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उसके दिमाग के नीचे के हिस्से ने काम करना बंद कर दिया। बहन उसे लेकर बूंदी चिकित्सालय लेकर गई। वहां दो दिन भर्ती रखने के बाद न्यूरो की समस्या बताते हुए चिकित्सकों ने उसे कोटा रैफर कर दिया। भाई को लेकर एम्बुलेंस से सुबह 10 बजे एमबीएस अस्पताल पहुंच गई। यहां इमरजेंसी में उसे दिखाया। उसके बीपी-शुगर की जांच लिखी गई। वह नॉर्मल आई। उसके बाद वह ड्यूटी डॉक्टर के पास पहुंची तो उसे देखकर कहा कि यह हमारा केस नहीं, यह न्यूरो का केस है, हम यदि इसे भर्ती भी कर लेंगे तो पड़ा-पड़ मर जाएगा। नलची लेकर आ जाओ, मुंह में लगा देंगे, फिर खिलाते-पिलाते रहना। ऐसे शब्द सुनकर एक बार तो वह सकपका कर रह गई। वह चिकित्सकों से भर्ती के लिए गुहार लगाती रही। बावजूद उसे भर्ती नहीं किया। शाम 4 बजे तक वह अस्पताल परिसर में खड़ी रही। आखिरकार उसे वापस अपने बड़े भाई के पास कैथून घर लेकर जाना पड़ा।

निजी अस्पताल भी लेकर गई

एमबीएस अस्पताल में भर्ती नहीं करने पर वह अपने भाई को लेकर निजी अस्पताल लेकर गई। वहां उसे 15 हजार की जांचें लिख दी। गरीब परिवार से होने के कारण वह जांचें नहीं करवा पाई और उसे सीधे कैथून में रहने वाले अपने बड़े भाई के घर पहुंच गई। उसकी बहन ने बताया कि उसके भाई की हालात बहुत खराब है। वह चल-फिर भी नहीं रहे। गले में दिक्कत होने से पानी पिलाते है तो नाक व मुंह से निकल जाता है। खाना भी नहीं खा रहे।

इनका यह कहना

बूंदी से रेफरल मरीज अस्पताल आया था। मामला मेरे पास भी पहुंचा था। सीएमओ विनोद आहुजा को भिजवाकर डॉ. विनोद मेवाड़ा को दिखवाया। उन्होंने मरीज की न्यूरो की समस्या नहीं मानसिक समस्या बताई। उसे भर्ती करने की आवश्यकता नहीं थी। उसे दवा लिखकर दी गई।- डॉ. नवीन सक्सेना, अधीक्षक, एमबीएस अस्पताल

Abhishek Gupta
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned