ताकली बांध की मंथर गति, 2021 में पानी भराव सपना!

रघुनाथपुरा गांव के 216 परिवारों को नहीं मिले आवासीय भूखण्ड....

By: Anil Sharma

Published: 28 Dec 2020, 11:50 PM IST

रामगंजमंडी. ताकली बांध लघु सिंचाई परियोजना का करीब 60 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के 40 फीसदी शेष बचे कार्य में डूब क्षेत्र में आने वाले करीब 1500 परिवारों को भवन निर्माण अनुग्रह राशि का राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाला मुआवजा व रघुनाथपुरा के डूब में आने वाले 216 परिवारों को भूखण्ड आवंटन अब सबसे बड़ा पेच बना हुआ है।
मौजूदा दोनों हालातों को सुलझाने की प्रक्रिया में समय लगने से वर्ष 2021 में ताकली बांध सिंचाई परियोजना पूर्ण होने की बात फिलहाल बेमानी लगती है। ताकली बांध लघु सिंचाई परियोजना का कार्य वर्ष 2007 से चल रहा है। १३ वर्ष के लंबे अंतराल में योजना की लागत करीब सात गुना बढ़ गई है, लेकिन योजना के निर्माण कार्य में बीते तीन सालों में जितनी गति से कार्य हुआ वैसा पूर्व में नहीं हुआ। परियोजना के लिए 285 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत है। 168 राशि अभी तक व्यय हो चुकी है। 31 गांवों की 7800 हेक्टयर भूमि को योजना से सिंचित करने का लक्ष्य निर्धारित है। बांध से निकलने वाली दांयी नहर का कार्य पूर्ण हो चुका है।
नौ किलोमीटर डाली गई पाइपलाइन से 21 गांवों को सिंचाई के लिए पानी ड्रिप सिंचाई के माध्यम से कनेक्शन दिए जाएंगे। बायीं नहर की लंबाई साढ़े छह किलोमीटर है यह नहर खुली होगी। नहर के लिए भूमि अवाप्ति का कार्य अभी अधूरा है। ऐसे खेत जिनको अवाप्त किया जाना है उनमें फसल खड़ी है। फसल कटाई के बाद भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पूर्ण होगी। बांध की कुल भराव क्षमता 3574 एम.एल.डी. होगी। 1284 हेक्टयर भूमि में पानी का फैलाव रहेगा। 5385 मीटर बांध की पाल होगी जिसमें 2300 मीटर पाल बांधने का कार्य पूर्ण हो चुका है। 3085 मीटर की पाल बांधने का कार्य पूर्ण होने के साथ बांध में बरसाती पानी का भराव किया जा सकेगा लेकिन इस कार्य में सबसे बड़ी बाधा बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों का पूरी तरह से विस्थापन होना जरूरी है।

अभी तक क्या हुआ
डूब क्षेत्र में आने वाले एकमात्र बंजारा जाती के गांव तालिया बरड़ी का पूरी तरह से विस्थापन हो चुका है। डूब क्षेत्र में आने वाले करीब पांच गांवों के परिवारों की तरफ से भूमि आवंटन उपरांत बिना सरकारी मदद के अपने आशियानें बनाने प्रारम्भ हो चुके है लेकिन इनकी संख्या करीब 25 से 30 प्रतिशत है। रघुनाथपुरा के विस्थापितों को भूमि आवंटन नहींडूब क्षेत्र में आने वाले 6 गांवों को रहने के लिए भूमि का आवंटन किया जा चुका है लेकिन रघुनाथपुरा गांव के डूब परिवारों को राजस्व विभाग की तरफ से भूमि का आवंटन नहीं हुआ है। 216 परिवारों को भूखण्ड आवंटित होने के बाद भवन निर्माण की कार्रवाई प्रारम्भ होगी। उसके बाद इन परिवारों का विस्थापन प्रारंभ होगा।

मुआवजा अधर में
भाजपा शासन के समय ताक़ली बाँध डूब क्षेत्र में आने वाले करीब पंद्रह सौ परिवारों को प्रति परिवार एक लाख 91 हजार रुपए की भवन निर्माण अनुग्रह राशि के प्रस्ताव बने थे। यह प्रस्ताव कांग्रेस शासन के दो साल में कैबिनेट बैठक की मंजूरी तक नही पहुंचे।

तीन माह में हो सकता है पूरा काम
सिंचाई विभाग सहायक अभियंता दुलीचन्द ने बताया कि ताकली बांध के भराव क्षेत्र का कार्य तीन माह में पूरा किया जा सकता है। 3085 मीटर में पाल का कार्य शेष है लेकिन यह कार्य तभी सम्भव होगा जब डूब क्षेत्र में आने वाले परिवार आवंटित भूखण्डों पर निर्माण करवा ले। उन्होंने बताया कि बांध से फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगने वाली इकाइयों को पानी पहुचाया जाएगा। डूब में आने वाले परिवारों को सड़क, बिजली, पानी के लिए हैंडपंप व नलकूप लगाए गए है।

Anil Sharma
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