रावतभाटा के तीनों थानों में जवानों की कमी, कैसे रहे आमजन सुरक्षित

रावतभाटा वृत के तीनों थानों में पुलिस कर्मियों के कई पद खाली हैं। इसका पुलिस के कामकाज व कानून व्यवस्था पर असर पड़़ रहा है। रावतभाटा वृत के रावतभाटा, भैंसरोडगढ़ व जावदा थानों में तीन एसएचओ समेत एसआई, एएसआई, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल समेत 139 पद स्वीकृत हैं लेकिन 67 पद रिक्त चल रहे हैं।

DILIP VANVANI

December, 1911:41 AM

रावतभाटा. रावतभाटा वृत के तीनों थानों में पुलिस कर्मियों के कई पद खाली हैं। इसका पुलिस के कामकाज व कानून व्यवस्था पर असर पड़़ रहा है। रावतभाटा वृत के रावतभाटा, भैंसरोडगढ़ व जावदा थानों में तीन एसएचओ समेत एसआई, एएसआई, हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल समेत 139 पद स्वीकृत हैं लेकिन 67 पद रिक्त चल रहे हैं।

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सभी थानों पर वर्तमान में एक-एक एसएचओ समेत 72 पुलिस कर्मी कार्यरत हैं। यानी आधी नफरी से काम चलाना पड़़ रहा है। रावतभाटा थाने में एसएचओ समेत 56 स्वीकृत पदों में से 35 पद ही भरे हैं। यहां 21 पद रिक्त चल रहे हैं। भैंसरोडगढ़ थाने में एक एसएचओ समेत 43 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 19 पद खाली हंै। जावदा थाने में भी आधे से ज्यादा पद खाली हैं। जावदा में एक एसएचओ समेत 40 स्वीकृत पदों में ्र27 पद रिक्त हैं।
प्रभावित हो रहे कार्य
पुलिस पर क्षेेत्र में घटित अपराधों की रोकथाम के अलावा न्यायालय के कामकाज, रोजाना दर्ज होने वाले प्रकरणों में अनुसंधान करने की जिम्मेदारी होती है। नफरी की कमी के चलते कई मामलों में एक जांच अधिकारी नियुक्त होने से निस्तारण होने में दिक्कतें आती हैं। साथ ही न्यायालय की प्रक्रिया अलग से प्रभावित होती है। ड्युटी टाइम के अलावा घंटों तक काम करने की वजह से पुलिस कर्मियों को तनाव के दौर से भी गुजरना पड़ता है।

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बीट बढ़ी नफरी वही
रावतभाटा पुलिस थाने में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र को 36 बीटों में बाटा गया है। थाना पहले से पुलिस कर्मियों की कमी की से जूझ रहा है। ऊपर से तबादले भी होते हैं। तबादलों के मुकाबले इतने पुलिसकर्मियों की थाने पर नियुक्ति नहीं हुई। 4 से 5 बीटों पर एक-एक अधिकारी नियुक्त किया है। ऐसे में थाने पहुंचने वाले परिवादों व दर्ज प्रकरणों में जांच में समय लगता है। साथ बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
वर्जन
नफरी की कमी के चलते पुलिस कर्मियों से 18 से 20 घंटे काम ले रहे हैं। ऐसे में काम काज तो प्रभावित तो होता ही हैं। इस समस्या के बारे में उच्चाधिकारियों को भी अवगत करवा रखा है। हाल ही में पुलिस महकमे में नई भर्तियां निकली हैं, जिससे आने वाले समय में रिक्त पदों के भरने की संभावना है।.
अशोक कुमार बुटोलिया, पुलिस उपाधीक्षक, रावतभाटा

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