कोटा के कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर जद्दोजहद

कोटा के कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी चल रही है। तीसरे दिन भी हालात नहीं सुधरे है। रात में ऑक्सीजन का डाउन फ्लो होने पर इमरजेंसी में सिलेण्डर के लिए मरीजों के परिजनों को दौड़ लगानी पड़ती है।

 

By: Abhishek Gupta

Published: 23 Apr 2021, 01:56 PM IST

कोटा. शहर के कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी चल रही है। तीसरे दिन भी हालात नहीं सुधरे है। रात में ऑक्सीजन का डाउन फ्लो होने पर इमरजेंसी में सिलेण्डर के लिए मरीजों के परिजनों को दौड़ लगानी पड़ती है। कई परिजन तो वाहनों से ऑक्सीजन प्लांटों तक पहुंचकर एक-एक सिलेण्डर के लिए जद्दोजहद कर रहे है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में रोजाना ऑक्सीजन की सप्लाई पर्याप्त नहीं हो रही है। इससे मरीजों की हालात खराब हो रही है।

कोविड अस्पताल में रोजाना मरीज के परिजन हंगामा कर रहे है। बीती रात भी मरीजों के परिजनों ने हंगामा किया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा बल तैनात किए है। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी देर रात तक ऑक्सीजन प्लांट की मॉनिटरिंग कर रहे है। शिवपुरा निवासी राजेश ने बताया कि नए अस्पताल में फोर-ए आईसीयू में उनका चचेरा भाई भर्ती है। उसका ऑक्सीजन लेवल काफी गिर गया। अस्पताल प्रबंधन से ऑक्सीजन की कमी होने पर हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने बाहर से सिलेण्डर लाने की बात कही। इस पर वे रात को ही वाहन से रानपुरा ऑक्सीजन प्लांट में गए और हाथ जोड़ विनती कर ऑक्सीजन सिलेण्डर लेकर आए। उसके बाद उसे ऑक्सीजन मिल सकी। उन्होंने बताया कि रात के समय अस्पताल में ऑक्सीजन को लेकर ज्यादा हालात खराब होते है।

कोटा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय सरदाना ने बताया कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी बनी हुई है। नगरीय मंत्री शांति धारीवाल के प्रयासों से गुरुवार को 16 हजार लीटर का लिक्विड टैंक कोटा पहुंचा है। इसमें आधा झालावाड़ भी जाएगा। इससे कुछ राहत मिल सकती है। वहीं, नए अस्पताल अधीक्षक डॉ. सीएस सुशील ने बताया कि ऑक्सीजन की गाड़ी आने के बाद सिलेण्डर रिफलिंग में समय लगता है। ऐसे में 10 से 15 मिनट में समस्या खड़ी हो जाती है। ऑक्सीजन की कमी व उपलब्धता के लिए जिला कलक्टर व मंत्री शांति धारीवाल को भी अवगत कर रखा है। - 400 बेड का बनेगा कोविड के यर सेंटरकोटा विश्वविद्यालय में भी 400 बेड का कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है। हालांकि अभी 20 बेड लगे है। करीब 200 बेड शुक्रवार तक लगेंगे। उसके बाद कंस्टेट्रर आने पर 400 बेड तक व्यवस्था करेंगे।

लगातार बढ़ रहे संक्रमित मरीज

जिले में कोरोना का संक्रमण कम नहीं हो रहा है। गुरुवार को भी 1126 नए संक्रमित मरीज मिले है। जबकि सरकारी रिपोर्ट में 6 कोविड मरीजों की मौत हुई है। बीते पांच दिन से रोज 1 हजार से ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे है। इन पांच दिनों कुल 5975 नए संक्रमित मरीज मिल चुके है। आंकड़े के लिहाज से संक्रमण की दर तीन दिन में 2.89 प्रतिशत से बढ़कर 18.36 तक जा पहुंची है। जबकि एक्टिव केस 4.28 प्रतिशत से बढ़कर 23.39 प्रतिशत हो गए है। वहीं रिकवरी दर 4.37 प्रतिशत से घटकर 75.93 प्रतिशत पहुंच गई है। 18 अप्रेल तक संक्रमण की दर 15.47 प्रतिशत, एक्टिव केस 19.11 प्रतिशत व रिकवरी दर 80.30 प्रतिशत थी।

औसत रोज 600 मरीज संक्रमित

अप्रेल के 21 दिनों में 68,663 सैम्पल की जांच में12,611 पॉजिटिव मिले है, यानि औसत रोज 600 मरीज संक्रमित आए है। जबकि 20 प्रतिशत एक्टिव केस बढ़े है और 20 प्रतिशत रिकवरी दर घट गई है। 31 मार्च तक तक 737 एक्टिव केस थे। यानि 3.42 प्रतिशत एक्टिव केस थे, जो 21 दिन में 7242 बढ़कर 7979 पहुंच गए है, यानि एक्टिव केस 23.39 प्रतिशत हो गए है। 31 मार्च तक रिकवरी दर 95.78 प्रतिशत थी, जो इन 21 दिनों में 19.85 प्रतिशत घटकर 75.93 प्रतिशत तक जा पहुंचीं है।

Abhishek Gupta
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned