सीएम के गृह जिले में एनएसयूआई ने लगाई सेंध, कोटा विवि में निर्दलीयो का कब्ज़ा

सीएम के गृह जिले में एनएसयूआई ने लगाई सेंध, कोटा विवि में  निर्दलीयो का कब्ज़ा

Shailendra Tiwari | Publish: Sep, 11 2018 10:38:57 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

छात्रसंघ चुनाव : एबीवीपी का पलड़ा भारी, लेकिन 'घर' में पिछड़े, हाड़ौती में 31 में से 17 पर एबीवीपी, 8 पर निर्दलीय जीते

पत्रिका टीम. कोटा . हाड़ौती में कोटा विश्वविद्यालय समेत 31 कॉलेजों में हुए छात्रसंघ चुनाव में नतीजे चौंकाने वाले रहे। प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले छात्रसंघ अध्यक्ष चुनाव को अग्निपरीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। ऐसे में भाजपा का गढ़ माने जाने वाले कोटा शहर में निर्दलीय भारी पड़े। वहीं मुख्यमंत्री के गृहजिले झालावाड़ में एनएसयूआई ने एबीवीपी को पटखनी दी। झालावाड़ में सात कॉलेजों में से चार में एनएसयूआई के अध्यक्ष बने, वहीं 3 अध्यक्ष एबीवीपी के खाते में आए। एबीवीपी बूंदी में एकतरफा जीती, वहीं बारां में शीर्ष पर रही।

कोटा विश्वविद्यालय और दस महाविद्यालयों के छात्रसंघ चुनावों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने छात्र संगठनों के छक्के छुड़ा दिए। कुल 44 पदों के लिए हुए चुनाव में 28 पद निर्दलीयों के खाते में गए। जबकि एबीवीपी को 16 पदों पर ही जीत मिल सकी। बड़ी बात यह रही कि आगामी विधानसभा चुनावों में जीत का दावा कर रही कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने लगातार दूसरे साल कोटा शहर के कॉलेजों में चुनाव में नहीं उतरी।

 

जिला कॉलेज एबीवीपी एनएसयूआई निर्दलीय
झालावाड़ 7 3 4 0
बारां 6 3 1 2
बूंदी 3 3 0 0
कोटा 11 5 0 6
कोटा ग्रामीण 4 3 1 0
कुल 31 17 6 8

कोटा विश्वविद्यालय में पूरे पैनल पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा कर लिया। अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी चंद्रशेखर नागर ने एबीवीपी के उम्मीदवार क्षेत्रपाल सिंह को 43 मतों से हराया। कोटा ग्रामीण के चार कॉलेजों में से तीन में एबीवीपी के अध्यक्ष बनें। वहीं एक कॉलेज में एनएसयूआई ने खाता खोला।

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2017 के छात्रसंघ के मुकाबले इस साल एबीवीपी की 6 सीटें बढ़ीं हैं। वहीं एनएसयूआई को एक का फायदा हुआ है।

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