Extra Duty of Govt Teachers : स्कूल छोड़ राशन की दुकानों पर बैठेंगे शिक्षक

-शिक्षक बोले कौन संभालेगा स्कूल, बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी
-संस्था प्रधानों ने जताया विरोध, जिला प्रशासन ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग

By: KR Mundiyar

Published: 21 Sep 2021, 11:15 PM IST

कोटा.
प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के शिक्षक व संस्था प्रधान अब स्कूल छोड़कर राशन की दुकानों पर बैठकर राशनकार्ड को जन आधारकार्ड से मेपिंग व केवाईसी से जोडऩे का कार्य करेंगे। राज्य सरकार के आदेश की पालना में कोटा जिला प्रशासन ने कोटा जिले के शिक्षकों की ड्यूटी सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड को जन आधार कार्ड से अपडेट करने के कार्य में लगाई है। इसके विरोध में कोटा में संस्था प्रधानों ने मोर्चा खोल दिया है।


हाल ही में मुख्य सचिव व जन आधार प्राधिकरण जयपुर के आदेश के अनुसार, वर्ष 2020-21 के बजट घोषणा में आमजन को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के समस्त लाभ जन आधार कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की पालना के निर्देश दिए है। पत्र में एनएफएसए राशनकार्ड धारी परिवारों के जिन सदस्यों का जन आधारकार्ड से मेपिंग नहीं है। उनकी मेपिंग करने तथा जिनके पूरे परिवार का जन आधार नामांकन नहीं है। ऐसे परिवारों का नामांकन करने के निर्देश दिए हैं। आर्थिक व सांख्यिकी विभाग जयपुर द्वारा ऐसे एनएफएसए परिवारों के केवाईसी प्रपत्र भरवाए जाएंगे।

कोटा जिला प्रशासन ने राशन डीलर्स को प्रतिदिन कम से कम 30 केवाईसी प्रपत्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीडिंग/मेपिंग करवाने के कार्य में सहयोग के लिए कोटा जिले के 250 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है।


शिक्षकों की गैर शैक्षणिक कार्य में ड्यूटी लगाने को लेकर शिक्षकों ने विरोध जताया है। शिक्षकों ने विरोध जताते हुए जिला कलक्टर से गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग की है। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद कोटा इकाई के अध्यक्ष आदित्य विजय ने बताया कि जिला प्रशासन ने 40 प्रिंसिपल, 40 व्याख्याता और प्रत्येक के साथ तीन या चार शिक्षकों की राशनकार्ड को जन आधार कार्ड से अपडेशन के कार्य में ड्यूटी लगाई है। राशन दुकानों पर बैठने का भी समय भी निर्धारित नहीं किया है।


स्कूल संभालें या राशन की दुकान-
शिक्षकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण कम होने के बाद राज्य सरकार ने हाल ही में कक्षा 1 से 8 वीं तक कक्षाओं को खोलने का निर्णय किया है। इसमें 6 से 8 वीं तक के स्कूल खुल चुके हैं। 27 सितम्बर से 1 से 5 वीं तक के स्कूल भी खुल जाएंगे। ऐसे में सवाल यह है कि इन बच्चों को पढ़ाएगा कौन? संस्था प्रधान व शिक्षक राशनकार्ड को जनआधार अपडेशन का कार्य करेंगे या स्कूलों में व्यवस्था देखेंगे। सभी संस्था प्रधानों ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी व अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी को भी ज्ञापन सौंपे हैं।

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