दहेज में गाड़ी की मांग करता, नहीं देने पर दूसरी शादी की धमकी देता, फिर मेरी बेटी का मार दिया....पिता को अब मिला न्याय

दहेज हत्या के आरोपी को दस साल का कठोर कारावास

By: shailendra tiwari

Published: 05 Mar 2021, 07:59 PM IST

कोटा. दहेज हत्या के मामले में शुक्रवार को न्यायालय महिला उत्पीडऩ क्रम संख्या दो के न्यायाधीश ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी को न्यायालय ने धारा 304 बी का दोषी मानते हुए सजा दी है, जबकि मामले में शामिल अन्य 2 महिलाओं को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

विशिष्ट लोक अभियोजक भूपेंद्र मित्तल ने बताया कि फरियादी रामकिशन निवासी मुंडक्या ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी लड़की दमयंती उर्फ दिव्या की 9 मई 2016 को महेंद्र उर्फ सोनू कुमावत निवासी कनवास के साथ शादी हुई थी। शादी के बाद से दामाद लड़की को परेशान करता रहता था और दहेज में गाड़ी की मांग करता था तथा गाड़ी नहीं देने पर दूसरी शादी करने की धमकी देता था।

10 अगस्त 2017 को दमयंती अपने ससुराल गई थी, उसी दिन शाम को उसकी ननद का फोन आया। ननद ने बताया कि भाभी (दमयंती ) की ज्यादा तबीयत खराब है, कनवास आ जाओ। जब वह कनवास पहुंचे तो उसकी बेटी की कमरे में लाश मिली। फरियादी ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 304 बी में मुकदमा दर्ज किया और महेंद्र उर्फ सोनू, आरती पत्नी दिनेश कुमावत, लल्ला कुमावत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले में अनुसंधान के दौरान तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए धारा 304 बी में न्यायालय में चालान पेश किया था।

ट्रायल के दौरान न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी आरती बाई और लल्ला को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया, जबकि महेंद्र उर्फ सोनू को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

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