सेटलमेंट के नाम पर ली थी रिश्वत, पकड़े गए, अब काटनी पड़ेगी सजा

रिश्वत प्रकरण में तत्कालीन सहायक अभियंता को 5 व बिचौलिए को 4 वर्ष कैद... 80 हजार रुपए के अर्थदंड से किया दंडित...

By: Anil Sharma

Published: 07 Jul 2019, 10:30 AM IST

कोटा. एसीबी न्यायालय ने बिजली वीसीआर सेटलमेंट के नाम पर तीन वर्ष पहले रिश्वत लेने के मामले में आरोपी सहायक अभियंता को 5 वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं उसके सहयोगी को 4 वर्ष के कारावास व 30 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। मामले के तीसरे आरोपी को संलिप्तता नहीं पाए जाने पर बरी कर दिया।
विशिष्ट लोक अभियोजक अशोक जोशी ने बताया कि बूंदी जिले के नैंनवा के गांव फटूकड़ा निवासी कैलाश मीणा और रामकिशन मीणा ने 1 फरवरी 2016 को बूंदी एसीबी में संयुक्त शिकायत दी। जिसमें उन्होंने बताया कि 29 जनवरी 2016 को उसके घर पर आरएसीबी का उडऩदस्ता जीप में आया। उडऩदस्ते में तत्कालीन सहायक अभियंता पृथ्वीलाल मीणा और चार-पांच अन्य लोग थे। उन्होंने आते ही मीटर के फोटो खींचने शुरू कर दिए। मीटर से अलग विद्युत कनेक्शन लेकर ट्यूबवेल से पानी पिलाने की बात कहकर 80 हजार रुपए की वीसीआर भर दी। इस मामले में तत्कालीन सहायक अभियंता पृथ्वीलाल मीणा से बात की, तो मीणा ने उसके चालक बबलू से मिलने की बात कही।
इस पर मामले के सेटलमेंट के लिए बबलू ने 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की। इस पर एसीबी ने सत्यापन किया तो मामला सही पाया गया। 2 फरवरी 2016 को ट्रेप की कार्रवाई तय की। इसमें से 14,500 रुपए तो तत्कालीन सहायक अभियंता पृथ्वीलाल मीणा ने ले लिए। शेष 5,500 रुपए उसने बबलू को देने को कहा। बबलू के गाड़ी लेकर कहीं चले जाने के कारण उसने विद्युत निगम के तकनीकी सहायक रामहेत मीणा को रिश्वत की राशि देने की बात कही। इस पर रामहेत मीणा ने हेमराज की ओर इशारा कर दिया। बूंदी के नैंनवा निवासी हेमराज उर्फ फोरू ने रिश्वत की राशि लेकर उसकी पेंट की जेब में रख ली।
परिवादी का इशारा पाते ही एसीबी टीम ने हेमराज को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। साथ ही एसीबी ने तत्कालीन सहायक अभियंता पृथ्वीलाल मीणा व रामहेत मीणा को भी गिरफ्तार किया। एसीबी ने मामले की जांच कर न्यायालय में चालान पेश किया। जिस पर न्यायालय ने 17 गवाहों के बयान लेखबद्ध किए। इस मामले में न्यायालय ने तत्कालीन सहायक अभियंता पृथ्वीराज मीणा को 5 वर्ष के कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया, वहीं हेमराज को 4 वर्ष के कारावास व 30 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया। जबकि तकनीकी सहायक रामहेत मीणा को बरी
कर दिया।

 

Anil Sharma Desk
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