UIT Kota के अफसर सोते रहे, अतिक्रमियों ने घोंट दिया नाले का गला, 200 फीट का नाला 20 फीट तक सिमटा

- दर्द-ए-जवाहर नगर

By: KR Mundiyar

Published: 18 Sep 2021, 08:17 PM IST

- 200 फीट का नाला 20 फीट तक सिमटा
- बड़ा सवाल : ऐसी क्या मजबूरी है कि न्यास के अफसर 25 साल से नाले का अतिक्रमण नहीं हटा पा रहे

- जवाहर नगर के लोग हर साल भुगत रहे जलभराव की परेशानी, फिर भी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे अफसर
- हर साल बरसात में व्यापारिक गतिविधियों पर लग जाता है ब्रेक

कोटा.

प्रदेश के तीसरे बड़े शहर कोटा में नगर विकास न्यास (यूआईटी) जहां खुद नाले की जमीन पर योजना काटने पर अड़ा है, वहीं न्यास के अफसरों ने अतिक्रमियों को भी नालों पर अतिक्रमण करने की छूट दे रखी है। इसकी बानगी देखनी है तो जवाहर नगर से गुजर रहा बरसाती नाला ही देख लीजिए। इस बरसाती नाले का गला न्यास के अफसरों की ढिलाई के कारण ही घोंटा गया है। न्यास के अफसर देखते रहे और अतिक्रमी बेखौफ होकर नाले को कब्जाते रहे। हालात यह है कि 200 फीट का नाला अब 20 फीट का रह गया है। बीते 25 साल में भी न्यास के अफसर इस नाले पर बने अवैध निर्माणों को हटा नहीं पाए।

जवाहर नगर क्षेत्र का बरसाती नाला अतिक्रमण का दंश झेल रहा है। हर साल जवाहर नगर में बारिश के दिनों में नालों में उफान आने से जलभराव की स्थिति बनती है। इससे कुछ दिनों के लिए व्यापारिक गतिविधियों पर ब्रेक लग जाता है।


व्यापारी बोले, नेता व अफसर नहीं सुन रहे-

क्षेत्र के लोगों का दर्द है कि भाजपा व कांग्रेस की कई सरकारें आई और चली गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जलभराव का खमियाजा आमजन को उठाना पड़ता है। कोचिंग क्षेत्र होने के कारण जवाहर नगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर में दुकानें भी बनी हुई है। घरों व दुकानों में पानी घुस जाता है। नाले पर ही कई प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर मकान व मैरिज हॉल तक बना दिए हैं। व्यापारियों का कहना है कि न्यास के अफसरों व जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन कोई नहीं सुन रहा।

बह जाती है मुख्य सड़क-
नाले का पानी पूरे जवाहर नगर में भर जाता है। यहां मुख्य सड़क बह जाती है। इस बार भी जलभराव होने से पूरी सड़क बह गई। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पानी भरने से व्यापारियों का माल खराब होता है।

फैक्ट फाइल-
- 1986 में बसा था जवाहर नगर

- 1995 से बनी जलभराव की स्थिति
- 200 दुकानें बनी हैं

- 800-900 मकान बने हैं

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जवाहर नगर : नालों पर अतिक्रमण

1. बालाकुंड से निकला नाला जवाहर नगर से गुजर रहा है। तीन साल पहले न्यास ने पानी डायवर्ट करने के लिए करोड़ों की राशि खर्च कर मोदी कॉलेज रोड तक नाला निर्माण कार्य करवाया था। लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों ने नाले पर ही अतिक्रमण कर निकास को बंद कर दिया।
2. बालाकुंड से नाला आल्हा उदल पार्क होता हुआ जवाहर नगर नाले में मिल रहा है, लेकिन बीच में एक मैरिज हॉल नाले में ही बना दिया। इससे नाला 200 फीट की जगह 20 फीट का रह गया। बरसाती पानी निकासी के लिए हर साल एयरपोर्ट की दीवार तोडऩी पड़ती है। कुछ साल पहले न्यास ने नाले पर बने मैरिज हॉल के कुछ हिस्से को तोड़ा था, लेकिन न्यास की अनदेखी के चलते अतिक्रमी ने पुन: निर्माण कर लिया।

3. 2003 में डिस्ट्रिक्ट सेंटर की दुकानों के सामने सीवरेज लाइन बिछाई गई थी, लेकिन इसकी सफाई आज तक नहीं हुई। सीवरेज लाइन पूरी तरह से जाम है।
4. कॉमर्स कॉलेज से आने वाला नाला भी जवाहर नगर नाले में मिल रहा है, लेकिन बीच-बीच में नाले पर अतिक्रमण कर इसे पाट दिया गया है। न्यास के अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया।

UIT Kota के अफसर सोते रहे,  अतिक्रमियों ने घोंट दिया नाले का गला,  200 फीट का नाला 20 फीट तक सिमटा

दर्द-ए-जुबानी-
बरसात के समय नालों का पानी घरों में घुस जाता है। इससे जीना मुश्किल हो जाता है। जलभराव से कॉलोनी तालाब का रूप ले लेती है। इससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। नालों पर अतिक्रमण नहीं हटाने के लिए न्यास के अफसर ही जिम्मेदार है।

- चेतन पारेता, क्षेत्रवासी, जवाहर नगर, कोटा

जवाहर नगर में हर साल जलभराव की स्थिति बनती है। यहां तीन नाले गुजर रहे हैं। इनमें से एक नाला 200 फीट का है, लेकिन अतिक्रमण के चलते 20 फीट का हो गया। दो अन्य नालों पर भी जगह-जगह अतिक्रमण हो रहे हैं।
- राजेश माहेश्वरी, अध्यक्ष, जवाहर नगर व्यापार संघ, कोटा

नाला सीधा बन जाए तो मिटेगी परेशानी-

पूर्व पार्षद लहरीशंकर गौतम ने बताया कि जवाहर नगर नाले पर मकान व मैरिज हॉल बन गए हैं। मैरिज हॉल को 1994 में तोड़ा गया था। उसके बाद उस पुन: निर्माण हो गए। उसके बाद न्यास ने कोई कार्रवाई नहीं की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से यहां नाले को सीधा बनाने की तैयारी थी। न्यास ने नाले के लिए टेंडर भी जारी कर दिया था, लेकिन बाद में टेंडर रोक दिया। यदि नाला सीधा बन जाए तो जवाहर नगर में जलभराव की समस्या नहीं बनेगी।


हमें शिकायत नहीं मिली-

जवाहर नगर नाले पर मकान व मैरिज हॉल काफी पुराने बने हुए हैं। यहां नालों पर अतिक्रमण की शिकायत हमें नहीं मिली है। यदि लोग हमें शिकायत देते हैं तो कार्रवाई करेंगे।
- चंदन दुबे, उपसचिव, नगर विकास न्यास, कोटा

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