नमकीन व्यापार में आई परेशानी तो लगाई जुगत...

- हाड़ौती में है अलसी के तेल के नमकीन का चलन

By: Anil Sharma

Published: 24 Dec 2020, 10:52 PM IST

रावतभाटा. चित्तौडग़ढ़ जिले की अणुनगरी यानि रावतभाटा शहर के एक छोटे से नमकीन व्यापारी ने अपने व्यापार में आ रही परेशानी को दूर करने के लिए जुगत लगाई और खुद की ही घाणी लगा डाली। शहर के नमकीन बनाने के लिए खालिस अलसी के तेल में आ रही परेशानी को दूर करने के लिए घाणी ही लगा डाली। लोगों ने भी इस युवा व्यापारी की भावना व शुद्धता के लिए इसकी भावना को सर-आंखों पर लिया और हाल यह है कि इसके नमकीन हाथों-हाथ बिक जाते है। इसके अलावा इनकी घाणी के तेल की भी खासी मांग है। इसके चलते कई बार इसके यहां तेल की उपलब्धता से ज्यादा मांग बनी रहती है। परम्परागत तेलों की बढ़ रही मांग नमकीन व्यापारी संदीप शर्मा ने बताया कि बाजार में परम्परागत तेलों की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में लोग उनसे अलसी के तेल की मांग करते थे।

अब नहीं झेलने पड़ते हैं दूसरों के नखरे
इसके अलावा नमकीन के लिए भी उन्हें अलसी का तेल की जरूरत होती है। ऐसे में उन्हें आंखों के सामने अलसी का तेल निकलवाने व घाणी मालिकों के नखरे झेलने पड़ते थे। इसके चलते उन्होंने खुद की गुमटी में घाणी लगा डाली। अब लोग यहां अलसी, मूंगफली, सरसों व तिल का तेल लेने भी पहुंचते है, वहीं नमकीन का स्वाद भी वैसा ही बना हुआ है। अलसी के नमकीन का अनूठा स्वाद वैसे तो अलसी के तेल का चलन काफी कम हो गया है। लेकिन इसके बावजूद इसके नमकीन का स्वाद व अलसी के गुणों के चलते इसकी मांग जबरदस्त है।

हाड़ौती खासकर चेचट में अलसी के नमकीन की ज्यादा है मांग
हाड़ौती खासकर चेचट में अलसी के नमकीन की मांग ज्यादा है। ऐसे में कुछ दुकानदार अब भी केवल अलसी के तेल के ही नमकीन बेचते है। उनका कहना है कि पेट के लिए अलसी का तेल मुफीद है। अलसी के तेल के नमकीन भी अन्य तेलों के मुकाबले करारे बनते है।

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