नाव डूबने के बाद थानाधिकारी लाइन हाजिर, यातायात निरीक्षक सहित तीन एपीओ

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि जारी। वहीं चार विभागों के चार जिम्मेदार कार्मिकों को खिलाफ कार्रवाई की है।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 17 Sep 2020, 08:21 AM IST

कोटा. कोटा जिले के खातौली क्षेत्र में चम्बल नदी में नाव डूबने से 11 जनों की मौत पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया है और मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। जिला कलक्टर ने रात में ही चेक जारी कर दिए। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी इस घटना पर दु:ख जताया है। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचने के बाद नाव डूबने की घटना के मामले में जिला प्रशासन ने चार अधिकारियों की लापरवाही मानते हुए उन्हें पद से हटाकर पदस्थापन की प्रतीक्षा सूची में रखा है।

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परिवहन विभाग की लापरवाही मानते हुए यातायात निरीक्षक राघव शर्मा को एपीओ कर दिया है। वहीं थानाधिकारी रामावतार शर्मा को लाइन हाजिर किया गया है। इसके अलावा अवैध रूप से नाव संचालन की सूचना नहीं देने पर पटवारी बनवारीलाल बैरवा और ग्राम विकास अधिकारी जोधराज गुर्जर को भी एपीओ कर दिया है। जिला कलक्टर उज्जवल राठौड़ और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी घटना की सूचना के बाद सुबह ही मौके लिए रवाना हो गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शाम तक वहीं रहे।

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इस दौरान लोगों ने नावों संचालन में सुरक्षा नियमों की पालना नहीं करने की शिकायत की। इसके बाद चारों को सुपरवाइजरी लापरवाही मानते हुए एपीओ कर दिया। जिला कलक्टर उज्जवल राठौड़ ने बताया कि जिले में जहां भी इस तरह नावें चल रही हैं उनकी जांच की जाएगी। बिना फिटनेस और बिना परमिट नावों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।

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