मुकुंदरा में बाघ दिखा, शावक अभी भी लापता, चिंता बढ़ी

बाघ स्वस्थ नजर आ रहा है। शावक के नजर नहीं आने से विभाग की चिंता बढ़ गई। 30 लोगों की टीम बाघ व शावक की तलाश के लिए लगाई गई थी, लेकिन शावक को लेकर टीम सदस्यों को निराशा हाथ लगी।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 06 Aug 2020, 06:06 AM IST

कोटा. मुकन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में तीसरे दिन शावक की तलाश जारी रही। शावक नजर नहीं आया, लेकिन बाघ एमटी-1 की वनकर्मियों को साइटिंग हुई। सूत्रों के अनुसार 30 लोगों की टीम बाघ व शावक की तलाश के लिए लगाई गई थी, लेकिन शावक को लेकर टीम सदस्यों को निराशा हाथ लगी, वहीं बाघ की डायरेक्ट साइटिंग हो गई। बाघ स्वस्थ नजर आ रहा है। शावक के नजर नहीं आने से विभाग की चिंता बढ़ गई। गौरतलब है कि गत 3 अगस्त को सुबह मुकुन्दरा के 82 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बाघिन एमटी-2 का शव मिला था। उसकी मौत शव मिलने के करीब 48 घंटे पहले होना बताया गया था। उसके दो शावकों में से एक घायल अवस्था में मिला था। दूसरे शावक की तलाश में विभाग जुटा हुआ है।
बाघ व बाघिन की मौत के बाद विभाग में पिछले तीन चार दिनों के घटनाक्रम में टाइगर रिजर्व में बहुत कुछ बदलाव हो गया है। विभाग के उपवन संरक्षक व फील्ड डायरेक्टर को विभाग ने एपीओ कर दिया है। सहायक वन संरक्षक को निलंबित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार बुधवार को मुकुन्दरा रिजर्व की बोराबास रेंज के क्षेत्रीय वन अधिकारी संजीव गौतम को दरा में लगाया गया है, वहीं उपवन मंडल वन में मोड़क रेंज में क्षेत्रीय वन अधिकारी को बोराबास रेंज का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक जी.वी. रेड्डी बुधवार को जयपुर के लिए रवाना हो गए। बाघिन की मौत के बाद से ही वह कोटा में थे, उनके जयपुर रवाना होने से पहले बाघ बाघिन की मौत के मामले में लगाए गए जांच अधिकारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक योगेन्द्र कुमार दक बुधवार को कोटा पहुंच गए। उनके साथ आईएफएस गणेश वर्मा भी आए हैं। दोनों अधिकारी मामले की पड़ताल करेंगे।

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