सडऩे लगा टमाटर, मिर्ची भी हुई पिलपिली

Anil Sharma

Updated: 11 Jun 2019, 05:50:20 PM (IST)

Kota, Kota, Rajasthan, India

कोटा. हाड़ौती में पिछले 10 दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। पारा 40-45 से नीचे आ ही नहीं रहा। मानसून की बेरूखी भी बरकार है। इस पर पानी की कमी। कोढ़ में खाज का काम कर रही है। चारों तरफ भीषण गर्मी से लोग परेशान है। पेड़-पौधे भी जलने लगे हैं। पानी को लेकर हर कोई त्राहि-त्राहि मची है।

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बरसात नहीं होने के कारण भीषण गर्मी का कहर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पारा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सब्जियां इस गर्मी के कहर से कैसे बच सकती है। टमाटर व मिर्ची कैरेट में रखी-रखी सडऩे लगे हैं। व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। भीषण गर्मी व पानी की कमी से फसल उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। जिससे मंडी में सब्जियों की आवक कम हो गई है। इससे आगामी दिनों में सब्जियों के भाव आसमान छू सकते हैं।

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थोक सब्जी विक्रेता रामकल्याण ने बताया कि दिनभर में जितने कैरेट टमाटर के मंगवाए जा रहे हैं। गर्मी के चलते शाम तक आधे कैरेट के टमाटर खराब हो जाते हैं। खेतों में भी गर्मी के चलते उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। इसके चलते बाहर नासिक से टमाटर मंगवाने पड़ रहे हैं, जो महंगे आ रहे हैं। गर्मी में हरी मिर्ची भी जल गई है। थोक सब्जी विक्रेता अशोक अग्रवाल ने बताया कि गर्मी के चलते टमाटर, हरी मिर्ची के अलावा गिलकी, लोकी, पत्ता गोभी, करेले व भिंडी पर भी असर पड़ा है। अब आगामी दिनों में बारिश होने से इसका असर और बढ़ेगा। जिससे 15 जून से 31 अगस्त तक सब्जियां महंगी रहेगी।

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