कोटा राष्ट्रीय दशहरा मेले के आगाज की सालों पुरानी परम्परा तोड़ी

कोटा. भाजपा पार्षदों ने दोनों नगर निगमों के महापौर व उपमहापौर पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए सदियों से चली आ रही धार्मिक परम्परा का निर्वहन नहीं करने का आरोप लगाया है। नवरात्र के प्रथम दिन राष्ट्रीय दशहरा मेले की शुरुआत के साथ ही आशापाला मंदिर पर की जाने वाली पूजा में दोनों नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व कई अधिकारी नदारद रहे।

By: Deepak Sharma

Updated: 08 Oct 2021, 01:37 AM IST

कोटा. भाजपा पार्षदों ने दोनों नगर निगमों के महापौर व उपमहापौर पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए सदियों से चली आ रही धार्मिक परम्परा का निर्वहन नहीं करने का आरोप लगाया है। नवरात्र के प्रथम दिन राष्ट्रीय दशहरा मेले की शुरुआत के साथ ही आशापाला मंदिर पर की जाने वाली पूजा में दोनों नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व कई अधिकारी नदारद रहे। इसमें कोटा दक्षिण निगम की आयुक्त कीर्ति राठौड़ और कुछ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस पर भड़के भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए राजनीतिक लाभ लेने के लिए परम्पराओं का अपमान करने का आरोप लगाया है। भाजपा पार्षद विवेक राजवंशी के नेतृत्व में हुई पार्षदों की बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस नेताओं के इस कृत्य की निंदा की गई। पार्षद विवेक राजवंशी ने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन आशापाला मंदिर में आरती व पूजा कर राष्ट्रीय दशहरा मेल की शुरुआत करने की परम्परा बरसों से जारी है। बोर्ड किसी भी दल का हो, लेकिन ये परम्परा निभाई जाती है, लेकिन महापौर और अधिकारयों ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाकर गलत संदेश दिया है। भाजपा पार्षद रामबाबू सोनी ने कहा कि तुष्टीकरण कर समाज में जहर घोलना और समाज को बांटना ही कांग्रेस के नेताओं का काम है। इस दौरान मौजूद पार्षद योगेश वालिया, संजीव विजय, सुनील गौतम, भानु गौड़, धीरेंद्र चौधरी, दिलीप अरोड़ा, लक्ष्मी प्रजापति, रीटा सलूजा, प्रतिभा गौतम, लक्ष्मी मेहरा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही आयुक्त कीर्ति राठौड़ के समक्ष विरोध जताया।

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