कोटा का यह चौराहा और आठ माह तक बना रहेगा ति‍राहा

कोटा का यह चौराहा और आठ माह तक बना रहेगा ति‍राहा

shailendra tiwari | Publish: Jan, 14 2018 04:23:20 PM (IST) | Updated: Jan, 14 2018 05:30:10 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

नए कोटा का व्यस्ततम केशवपुरा सर्किल पिछले कुछ माह से ट्रैफिक के लिहाज से पीड़ादायी बना हुआ है।

कोटा .

नए कोटा के व्यस्ततम चौराहे केशवपुरा सर्किल पिछले कुछ माह से ट्रैफिक के लिहाज से पीड़ादायी बना हुआ है। इस चौराहे पर कहने को तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन प्राय: वे व्यवस्थाओं के प्रति असंवेदनशील ही खड़े दिखते हैं। ज्यादा परेशानी तीन बत्ती की ओर से आने वाले ट्रैफिक को होती है। यह ट्रैफिक कॉमर्स कॉलेज की ओर आता है।

 

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दादाबाड़ी ज्योति मंदिर से फ्लाइओवर निर्माण के चलते इस ओर के ट्रैफिक को भी वाया तीनबत्ती-केशवपुरा डायवर्ट किया हुआ है। ऐसे में इस रूट पर कई गुना दबाव बढ़ गया। इधर, पहले की ही तरह यहां इस रूट पर चौराहा पार करने के लिए 84 सैकंड रुकने के बाद 16 सैकंड की ग्रीन लाइट मिलती है। लेकिन, चौराहे पर इतनी अव्यवस्थाएं हैं कि दो से तीन कार और कुछ टू व्हीलर ही निकल पाते हैं।

 

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बेतरतीब खड़े रहते हैं वाहन

बड़ी समस्या यहां खड़े बेतरतीब वाहन हैं। अव्वल तो दुकानदारों ने सिक्सलेन इस सड़क में काफी बाहर तक सामान फैला रखे हैं। चौराहा पर करने से पहले स्थित प्रोविजन और अन्य दुकानों पर खरीदारी करने आए लोग भी अपने दुपहिया-चौपहिया वाहन तक आधे से ज्यादा रोड पर खड़े कर देते हैं। ऐसे में फोरलेन से ज्यादा चौड़े इस रोड पर वन साइड सिर्फ एक ही लेन में वाहन बामुश्किल निकल पाते हैं। यहां खड़े पुलिसकर्मी इन्हें ठीक कराने का सिरदर्द नहीं लेते, मूकदर्शक बने रहते हैं।

 

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चौराहा पार करें तो ऑटो-बस...
यहां से दो तीन चरण में रुककर ही वाहन चौराहा पार कर पाते हैं। चौराहा पार करते वक्त भी मुसीबत खत्म नहीं होती। सामने चौराहे तक ऑटो-टैम्पो खड़े रहते हैं। थोड़ी थोड़ी देर में आने वाली सिटी बसें भी यहीं किनारे खड़ी हो जाती हैं। ऐसे में यहां भी सिर्फ एक ही लेन में वाहन निकल पाते हैं। इतने में दूसरी ओर का सिग्नल ग्रीन होने से अन्य वाहन रवाना हो जाते हैं। वाहन चालक उदासीन ट्रैफिक कर्मियों की मौजूदगी में बीच चौराहे आपस में उलझते रहते हैं।

जाकर देखेंगे व्यवस्था
उपाधीक्षक यातायात श्योराजमल मीणा का कहना है कि मैं खुद मौके पर जाकर देखूंगा, व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ट्रेफिक सुचारू करेंगे। जरूरत हुई तो स्टाफ बढ़ाया जाएगा।

 

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