180 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, ट्रायल सफल

निकट भविष्य में ट्रेनों के नई डिजाइन के एसी-3 एकोनॉमी कोच में 83 यात्रियों के बैठने की सुविधा मिलेगी। कोटा मंडल में ऐसे कोच का परीक्षण किया गया है। कोटा से महिदपुर के बीच करीब 205 किमी की दूरी तक किया ट्रायल।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 26 Feb 2021, 09:36 AM IST

कोटा. भारतीय रेलवे की ओर देशभर में प्रमुख मार्गों पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की योजना पर कार्य चल रहा है। तेज रफ्तार से ट्रेन चलाने के लिए नई तकनीक के कोच भी बनाए जाएंगे। इस तकनीक को फाइनल रूप से देने से पहले कोटा मंडल में इसका ट्रायल किया गया। दिल्ली-मुंबई मार्ग पर पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में नई डिजाइन के एलएचबी कोच ट्रायल के लिए तीन कोच की आरडीएसओ ट्रायल स्पेशल ट्रेन 180 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाकर देया। ट्रायल सफल रहा है। आरडीएसओ, लखनऊ के अधिकारियों की देखरेख में ट्रायल किया गया। 25 फरवरी 2021 को कोटा से महिदपुर तक 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर देखा गया। ट्रायल के दौरान स्पीड की सुई कई बार 185 तक की रफ्तार को छू गई। करीब 205 किमी की दूरी तक किया ट्रायल। इस रैक में एलएचबी कोच के साथ दो कोच आरडीएसओ की टीम के थे। तेज दौड़ती ट्रेन में अधिकारियों में उत्साह देखा गया।
इस कोच 83 यात्री बैठ सकेंगे और यह एसी तृतीय एकोनॉमी श्रेणी का कोच रहेगा। कोटा मंडल का यह ट्रेक देश के बेहतर रेलमार्गों में शामिल है। इसलिए इससे पहले भी यहां नई कोचों के रैक का रफ्तार परीक्षण होता रहा है। इससे पहले 15 दिसम्बर 2020 से 6 जनवरी 2021 तक भी एचएलबी कोचों के रैक का ट्रायल कोटा मंडल में किया गया। नई डिजाइन के इन कोचों का रैक बनाकर पहले दिन कोटा-नागदा रेलखंड में 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से परीक्षण किया गया। उसके बाद 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया। इससे पहले मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई भारतीय रेल की सेमी हाईस्पीड ट्रेन-18 का भी कोटा मंडल में परीक्षण किया गया था।

Jaggo Singh Dhaker
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