मौसम का कहर देख किसानों की आंखों में आ गए आंसू

हाड़ौती में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
किसानों ने किया पकी सरसों के साथ अफीम, धनिए और चने में नुकसान का दावा

By: Deepak Sharma

Published: 01 Mar 2020, 07:50 PM IST

कोटा. हाड़ौती में शनिवार को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। कोटा जिले के इटावा क्षेत्र के खातौली तलाब, छत्रपुरा, जोरावरपुरा क्षेत्र में 1 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। ओले गिरने से कुछ क्षेत्रों में चने व धनिए की फसल में 10 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है।

कैथून के पास मोरपा गांव में ओलों से गेंहू सरसो और चने की फसल मे नुकसान हुआ है। उपनिदेशक कृषि विस्तार अतीश कुमार शर्मा ने बताया कि जिन किसानों की फसलों में आलों से खराबा हुआ है, वे तुरन्त बीमा कम्पनी को मोबाइल पर जानकारी देने के साथ क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षकों से सम्पर्क करें।

बारां जिले के दिलोद हाथी व ढिकवानी समेत आसपास के इलाके में ओलावृष्टि हुई है। इन गांवों में सरसों की पकी फसल में नुकसान हुआ है। कुछ इलाकों में गेहूं व धनिये की फसलें आड़ी पड़ी हैं। इलाके में चने से लेकर बैर के आकार तक के ओले हैं। रविवार सुबह तक इन गांवों में ओले पिघले नहीं थे। रविवार को मौसम खुलने व धूप निकलने से किसानों को मौसम सामान्य होने की उम्मीद बंधी, लेकिन फिर से मौसम बिगडऩे की संभावनाओं से वे आशंकित रहे।

झालावाड़ जिले में खानपुर सहित कई गांवों में तेज बारिश व ओलावृष्टि से अफीम की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। कड़ीखेड़ी निवासी लालचन्द मीणा ने बताया कि अफीम की फसल में चीरा लगा था। बारिश व चने के आकार के ओले गिरने के बाद रातभर हवा चलने से अफीम की फसल आड़ी पड़ गई है। ऐेसे में फसल का उत्पादन प्रभावित होने के साथ डोडो से निकला हुआ दूध भी खराब हो गया। कई पौधे तेज हवा से मुड़कर टूट गए।

सुनेल क्षेत्र के कुंडलाप्रताप, भीमसागर, सोजपुर, मिश्रोली आदि गांवों में धनिया और सरसों, इसबगोल, चने आदि फसलों में आंशिक नुकसान है। संतरे में भी नुकसान बताया जा रहा है। कृषि विभाग के उपनिदेशक कैलाश मीणा ने बताया कि सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन करवाया जाएगा।

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