मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में रिक्त पद, कैसे हो वन्यजीवों की सुरक्षा

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 89 स्वीकृत पद हैं, इनमें से दो साल में 35 वनकर्मियों के ट्रांसफर करवा लिया। इस बारे में वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा, विगत अनुभवों के अनुसार अभयारण्यों और टाइगर रिजर्व में दूर दराज के नाकों में अति अल्प संसाधनों में रहना व कार्य करना कठिन होने के कारण कोई वनकर्मी अपनी इच्छा से वहां रहना नहीं चाहता।

By: Jaggo Singh Dhaker

Published: 17 Sep 2021, 12:15 PM IST

कोटा. मुंकुदरा टाइगर रिजर्व में वनकर्मियों के रिक्त पदों के कारण वन्यजीव और वनों की सुरक्षा करना चुनौती बना हुआ है। विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने पिछले दिनों में विधानसभा में प्रश्नकाल में यह मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में वन राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा, विगत अनुभवों के अनुसार अभयारण्यों और टाइगर रिजर्व में दूर दराज के नाकों में अति अल्प संसाधनों में रहना व कार्य करना कठिन होने के कारण कोई वनकर्मी अपनी इच्छा से वहां रहना नहीं चाहता। नई भर्ती होने पर भी 2 साल पूरे गार्डों ने अन्य जगह स्थानांतरण करा लिया। वर्ष 2013-14 में कुल 22 वनकर्मियों की भर्ती हुई जिनमें से 9 वर्तमान में कार्यरत हैं। वर्ष 2015-16 में 62 वनकर्मियों की भर्ती हुई, जिनमें से 40 वनकर्मी कार्यरत हैं। इस तरह मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 49 वनकर्मी कार्यरत हैं। अभयारण्य व टाइगर रिजर्व जो कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें वहीं सुविधाएं प्राप्त हैं जो अन्य कर्मचारियों को मिलती हैं। इस पर भरत सिंह ने कहा, मंत्री ने यह स्वीकार किया है कि वन्यजीव अभरयारण्य में कार्य करना कठिन होता है और उन्हें वही वेतन दिया जाता है जो अन्य वन्य कर्मियों को मिलता है। मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में 89 स्वीकृत पद वहां रिक्त है। दो साल में 35 वनकर्मियों के ट्रांसफर करवा लिया। क्या इसे रोकने के लिए विभाग एसीबी जैसे विभाग में 30 प्रतिशत हार्ड ड्यूटी भत्ता देने का प्रावधान है क्या विभाग इनके लिए भी विचार करेगा।

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इस पर वन मंत्री सुखराम विश्नोई ने कहा, बाघ परियोजना में 2 तरह के भत्ते दिए जाते हैं। एक परियोजना भत्ता है, जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं उनको 400 रुपए, सीनियरर वेटेनरी ऑफिसर को 1300 रुपए है। वन रक्षक को 700, वनपाल को 900 और क्षेत्रीय वन अधिकारी को 1 हजार रुपए हैं। उप वन क्षेत्रीय निदेशक को 1500 और क्षेत्रीय वन निदेशक को 2 हजार रुपए है। फ्रंटलाइन में तैनात कर्मचारी को प्रति माह 860 रुपए राशन भत्त भी मिलता है। वाइल्ड लाइफ में जितने भी कर्मचारी हैं उनमें किसी की दो साल में बदली नहीं की है। अब 87 वनपाल, 104 वनरक्षक, 99 सहायक वनपाल और 102 रेंजर प्रथम के पद भर्ती किए जा रहे हैं। उनके दो साल तक नियुक्ति वालते स्थान पर रहने के लिए पाबंद किया जाएगा।

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