मावठ से खेत तर, चम्बल की नहरों में जल प्रवाह घटाया

किसानों की सिंचाई के लिए पानी की ना, नहरों में घटाया जल प्रवाह

By: Ranjeet singh solanki

Published: 10 Jan 2021, 05:45 PM IST

कोटा. हाड़ौती में पिछले तीन-चार दिन से हो रही मावठ से फसलों में सिंचाई के लिए पानी की मांग खत्म हो गई है। नहरी क्षेत्र के किसानों ने सीएडी प्रशासन से नहरों में जल प्रवाह बंद करने की मांग की है, इसके बाद दोनों नहरों में जल प्रवाह घटाना शुरू कर दिया है। मावठ के चलते टेल क्षेत्र में पानी के लिए मची मारामारी भी खत्म हो गई है। इससे सीएडी प्रशासन ने राहत की सांस ली है। नहरी क्षेत्र में कोटा, बंूदी और बारां जिले में गेहूं की फसल के लिए किसानों की पानी की जबर्दस्त मांग थी। किसानों के दबाव में छोटी नहरों में रोटेशन से जल प्रवाह शुरू किया गया था। पानी की मांग टेल क्षेत्र इटावा क्षेत्र में थी, जहां जोरदार बारिश हुई है और ओले भी गिरे हैं। खेतों में पानी भर गया है। इस कारण इस क्षेत्र में पानी की मांग पूरी तरह खत्म हो गई है। किसानों की मांग पर अंतिम छोर की नहरों में पानी बंद कर दिया है। दाईं मुख्य नहर पहले पूरी क्षमता से चल रही थी, जिसमें दो दिन से धीरे-धीरे जल प्रवाह कम किया जा रहा है। सीएडी के अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई की जरूरत के हिसाब से पानी छोड़ा जाएगा। हाड़ौती के किसानों की पानी की मांग कम होने पर दाईं मुख्य नहर से मध्यप्रदेश को उनकी मांग के अनुरूप पूरा पानी दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश को पार्वती एक्वाडट से 3300 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। बाईं मुख्य नहर में भी जल प्रवाह कम किया जाएगा। उधर सीएडी के क्षेत्रीय विकास आयुक्त के.सी. मीना ने नहरों की सफाई करवाने के निर्देश दिए हैं। लगातार जल प्रवाह से नहरों में कांजी आ गई है, इससे जल प्रवाह सुचारू नहीं हो पा रहा था। इस दौरान कांजी की सफाई करवाई जाएगी।

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