भूजल स्तर गहराया, 210 हैंडपंप पानी की जगह छोड़ रहे हवा

कोरोना संक्रमण अब गांवों में न फैले इसके पुख्ता इंतजाम को लेकर जलदाय विभाग ने भैसरोडगढ़ पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों में 153 गांवों का सर्वे किया, क्योंकि विभाग का मनना है कि गांवों में पेयजल के पुख्ता इंतजाम न होने से सोशल डिस्टेस की पालना नहीं होगी।

By: Dilip

Published: 22 May 2020, 08:02 PM IST

रावतभाटा. कोरोना संक्रमण अब गांवों में न फैले इसके पुख्ता इंतजाम को लेकर जलदाय विभाग ने भैसरोडगढ़ पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों में 153 गांवों का सर्वे किया, क्योंकि विभाग का मनना है कि गांवों में पेयजल के पुख्ता इंतजाम न होने से सोशल डिस्टेस की पालना नहीं होगी। काफी संख्या में एक साथ खड़े रहकर लोग पानी भरेंगे, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना काफी ज्यादा रहेगी।
विभाग के अधिकारियों की माने तो देश भर में कोरोना संक्रमण फैल रहा है। काम बंद होने से जो मजदूर अन्य प्रदेशों या जिलों में काम करते थे। वे अब अपने घर लौट रहे हैं। ऐसे में अब गांवों में भी कोरोना संक्रमण फैलने संभावना बनी रहेगी। साथ ही गांवों में परिवार बढऩे से लोगों की संख्या भी ज्यादा होगी। एक ही हैंडपंप या सार्वजनिक नल पर काफी संख्या में लोग पानी भरेंगे। इसी की ध्यान में रखते हुए भैसरोडगढ़ पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों के 153 गांवों का जेईएन अरविंद मोर्य के नेतृत्व में हैंडपंप मिस्त्रियों ने सर्वे किया। सर्वे में पाया कि सभी ग्राम पंचायतों में 840 हैंडपंप लगे हुए हैं। इनमें से 201 हैंडपंप सूखे पाए गए, जिनमें बारिश में ही पानी आता है। इसके अलावा 60 हैंडपंप खराब पाए गए। हैंडपंपों को सही करने को लेकर सात मिस्त्रियों की टीम बनाई गई। इनमें से विभाग की ओर से 56 हैंडपंपों को ठीक कर दिया है। इनमें करीब 150 मीटर पाइप को बदला गया है।
इन जगहों पर ठीक किए हैंडपंप
धांगड़मऊ, बोराव, तम्बोलिया, श्रीपुरा, बड़ादिया, भुं्रजर कला, मोहनपुरा, नलीपुरा, मंडेसरा, नलीखेड़ा, झालरबावड़ी, टोलू का लुहारिया आदि जगहों पर हैंडपंप ठीक कर दिए हैं। बाकी जगहों पर भी हैंडपंप सही करने का कार्य चल रहा है। इसके अलावा जिन गांवों में ज्यादा ही पेयजल संकट है। वहां पर टैंकरों से पेयजल पहुंचाने का काम किया जाएगा। इसको लेकर उपख्ंाड अधिकारी या संबंधित ग्राम पचायत को लिखा जाएगा।
40 साल पुरानी बदली जाएगी लाइन
जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भैसरोडगढ़ में कई जगहों पर पेयजल लाइन पुरानी हो गई है। कुछ मोहल्लों में करीब 40 सालों से पेयजल लाइनों को नहीं बदला गया है। पाइप लाइन जगह-जगह से टूटी हुई है। विभाग की ओर से जैसे ही पेयजल सप्लाई छोड़ी जाती है तो सड़क पर जगह-जगह पानी फैल जाता है। आमजन को प्रेशर के साथ पानी नहीं मिलता है। इससे विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को आमजन की नाराजगी झेलनी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र का सर्वे किया है। साथ ही पुरानी पाइप लाइनों को बंदलने का निर्णय लिया गया है। प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
वर्जन
भैसरोडगढ़ पंचायत समिति की 27 ग्राम पंचायतों के 153 गांवों का सर्वे किया गया है। सर्वे के बाद 56 खराब हैंडपंप ठीक कर दिए हैं, बाकी जल्द ठीक कर दिए जाएंगे।
अरविंद मोर्य, जेईएन, जलदाय विभाग, रावतभाटा

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