ये क्या बोल गए राज्य कार्यक्रम प्रबंधक... कोटा में ऐसी स्थिति दिखाई ना दें

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबधंक डॉ. लोकेश चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य भवन में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, बीपीएम, लेखाकारों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

By: Abhishek Gupta

Updated: 28 Feb 2021, 01:48 PM IST

कोटा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबधंक डॉ. लोकेश चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य भवन में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी, बीपीएम, लेखाकारों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भौतिक व वित्तीय समीक्षा करते हुए चिकित्सा संस्थानों को आवंटित अनटाइट फ ण्ड की राशि का व्यय अभी तक बहुत कम या बिल्कुल भी नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित बीसीएमओ, ब्लॉक व चिकित्सा संस्थान के लेखाकारों से जवाब-तलब किया और चेतावनी दी कि दोबारा की बैठक से पूर्व कोटा में ऐसी स्थिति दिखाई ना दें। उन्होंने कहा कि बजट दिशा निर्देशों को समय पर निचले स्तर तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने 31 मार्च तक चिकित्सा व स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक मरम्मत, अस्पताल के फ र्नीचर, अन्य छोटे-मोटे कामों में राशि का उपयोग कर व्यय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल स्टाफ व मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सके।

- खर्च नहीं दिखाया
ओडीएफ के तहत सीएचसी मण्डाना और मोड़क को देय 10-10 लाख राशि में से अब दो लाख व ढाई लाख रुपए राशि आंवटित की गई। जिसमें से अभी तक दोनों ही संस्थानों ने बिल्कुल भी खर्चा शो नहीं किया। इसी तरह ब्लॉक वाइज खर्चो में जनवरी 2021 तक आवंटित बजट में से खैराबाद ब्लॉक ने 67 प्रतिशत, इटावा ब्लॉक ने 60 प्रतिशत और लाडपुरा ब्लॉक ने 68 प्रतिशत ही खर्चा किया।

- शिशुओं के रैफ रल केस बहुत कम
शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए एचबीएनसी कार्यक्रम के तहत शिशु की 7 दिवस तक घर पर देखभाल बहुत ही जरूरी है। उन्होंने सीएमएचओ डॉ. भूपेन्द्र सिंह तंवर से कहा कि वे जिले की आशा, एएनएम को इसके लिए पांबद कराएं, क्योंकि जिले की रिपोर्ट में शिशुओं के रैफ र केस बहुत ही कम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने ओजस, जेएसवाई व राजश्री की पहली और दूसरी किस्त के भुगतान की पैंडेसी की समीक्षा करने पर जेके लोन व रामपुरा जिला अस्पताल में अधिक होने और इसके निस्तारण के लिए मेडिकल कॉलेज से कॉर्डिनेशन कर निस्तारण की बात कही। उन्होंने कायाकल्प, परिवार कल्याण व टीकाकरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की।
इस दौरान संयुक्त निदेशक डॉ. सतीश खण्डेलवाल, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. गिरधर गुप्ता, आरसीएचओ डॉ. देवेन्द्र झालानी, जेके लोन चिकित्सालय प्रतिनिधी सहित डीपीएम व अन्य जिला स्तरीय कार्मिक , बीसीएमओ, बीपीएम व लेखाकार मौजूद रहे।

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